कोरिया छत्तीसगढ (GCG NEWS) प्रदेश के उतरी सरहदी जिला मुख्यालय कोरिया में गोंडवाना गणतंत्र पार्टी की ओर से पार्टी विस्तार को लेकर सुप्रीमों तुलेश्वर सिंह मरकाम ने पार्टी के स्थानीय नये पदाधिकारियों का गठन किया। इस अवसर एक सम्मान समारोह का आयोजन स्थानीय सर्किट हाउस कोरिया में आयोजित था। जिस कार्यक्रम में गोंडवाना गणतंत्र पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष द्वारा राष्ट्रीय महामंत्री के रूप में डॉ एल एस उदय को आदेश जारी करते हुए पार्टी की दायित्वों की जिम्मेदारी सौपते हुये अपना आभार जताया। इस अवसर पर कार्यक्रम की आसन्दी से बोलते हुए नव नियुक्त पार्टी महामंत्री डॉ एल एस उदय ने कहा कि,1993 से लेकर अब तक गोंडवाना गणतंत्र पार्टी में सक्रिय रह कर लगातार संसदीय सीधी और सरगुजा क्षेत्रों में पार्टी का काम किया हूँ। मै चहता हूँ,कि मेरा जीवन का एक अनुभव गोंडवाना गणतंत्र पार्टी के लिये शिरोधार्य होगा । अब इतना तो तय है कि, भाजपा और कांग्रेस गोंडवाना वालों के सामने अपना दाग भरा चेहरा कौन सा आइने में देखिगी? अब मध्य गोंडवाना क्षेत्र में ये काले दिन के बाद अब गोंडवाना का उदय होगा,तो इनके चेहरों को अच्छी तरह उजागर करेगा। गोंडवाना गणतंत्र पार्टी एक विचारधारा है। आज यही बात हमारे दिलो दिमाग को कचोट रहा है। कि 1नवंबर 1959 को राज्यों का पुनर्गठन हुआ। तो सबको एक भाषायी राज्य मिला।जैसे उड़िया, गुजराती, पंजाबी, तेलगु, बंगाली, मराठी, पर उस समय से अब तक गोंडी भाषी लोगों को गोंडवाना क्यों नहीं ? आज सरकार इन वर्गों की सीधी सी बात को पेंचदार बना लेती है। राज्य के भीतर गोंडवाना गणतंत्र पार्टी कमोवेश न्याय न मिलने पर हक्क की आवाज उठाने में एक अलग पहचान बना चुकी है। आज यहां एक बहुत बड़ा तपका पार्टी को उम्मीद भरी निगाहों में देखने लगा है । अफसोस है कि आज प्रदेश में एक बहुसंख्यक अनुसूचित जनजाति वर्ग के लोग केवल वोट बैंक का साधन बन कर रह गये हैं । यह वर्ग आज भी सामाजिक न्याय के क्षेत्र में काफी पिछड़ चुका है। आज आदिवासियो के लिए शिक्षा का माकूल अवसर न मिलने पर आज भी गॉव में सही ढंग से शिक्षा क्रियान्वित नहीं हो पा रही है। शिक्षा का विषय एक प्रयोगशाला बन कर रह गया है। यह मूल निवासी लोग विकास की राह में चले, आज देश की सरकार इन मुद्दों पर अपनी आंखे मूँद कर ली है । आजादी के बाद से अब तक सरकार के नेताओं में जो गरीबी नहीं देखी,वह गरीबी हटाओ की योजनाएं बनाते रहे । जिन्हे गरीबी का पता नहीं । जिस प्रकार का लंगड़ा आदमी हो। उसे दौड़ाने के लिए कहा जाये । तो कितनी दूर तक दौड़ेगा। उसी प्रकार आज गरीब आदिवासियों का है । जिनके क्षेत्रों में न तो शिक्षा का दरवाजे ठीक से खुलता, न रोजी रोजगारों के कोई अवसर हैं । आज विकास केे धरातल पर आंकड़े के केवल कागजों में खेल चल रही है। जो आज देश में हो रहा है । गरीबी के नाम पर अनेक हथकण्डे एवं इनके आड़ में अनेक खेल होते हैं । और यही गरीबी जिसका प्रयोग आज राजनीतिक हथियार में होता है। अब गोंडवाना गणतंत्र पार्टी अब वास्तविक और राजनैतिक गरीबी को जानती है।जिसके कारण आज हमारी पार्टी सड़क की लड़ाई लड़ रही है। वहीं आज यहां के मूलनिवासी अभाव ग्रस्त हैं। जो देश का प्रथम नागरिक कहलाते हैं। जिनका प्रथम अधिकार होता है। इसलिये गोंडवाना गणतंत्र पार्टी जनजाति बाहुल्य इलाकों में जाकर मूल निवासियों के बीच राजनैतिक और सामाजिक चेतना जगायेगी। पार्टी के राष्ट्रीय महामंत्री ने कहा है कि,आज देश में भ्रष्टाचार का जो वबंडर उठा है,जिसका जन्मदाता भाजपा और कांग्रेस पार्टी की सरकार है। ये दोनों पार्टियां केवल सनसनी पर जिन्दा रहते हैं। इसलिये आज हमें सोये हुए जनता को जगाना है। उन्होँने कहा कि आज भारी भरकम समाज के लोग भाजपा और कांग्रेस पार्टी की झंडा लेकर संसद तक जाते हैं। हमें तकलीफ होती है कि कौड़ी के लोग यहां राज करते हैं। इसलिये हम चाहते हैं कि मूल निवासी समाज में सामाजिक और राजनैतिक चेतना आये। डॉ उदय ने कहा कि-आज सतारुढ नेताओं ने संवैधानिक और नैतिक दोनो तरह की अधिकारों को खो दिया है। जो अब देश के सामने धूर्तता की राजनीति करना चाहते हैं। जिसे अब हम समझने लगे हैं। अब दोनो पार्टी की चित भटक गयी है। इस देश में केवल भाजपा और कांग्रेस पार्टी की राजनीति होती है। इसलिए अब दोनों के बीच में गोंडवाना की राजनैतिक टक्कर होगी।
और ये दोनों सतारुढ दलो के लिए आने वाले चुनावों में यह क्षेत्र में गोंडवाना की राजनीति कांटो की विसात से कम नहीं होगी।