शिक्षा मंत्री मदन दिलावर द्वारा आदिवासी हिंदू नहीं हैं, जिनके डी एन ए की जांच होनी चाहिए जैसे वक्तव्य से पूरे देश के आदिवासी समुदाय द्वारा हो रही घोर आलोचना, गोंडवाना गणतंत्र पार्टी के विधायक एवं राष्ट्रीय अध्यक्ष ने भी जताई आपत्ति।

       (मजहर इकबाल ब्यूरो चीफ रायपुर)

रायपुर छत्तीसगढ़, 23 जून 2024, गोंडवाना उदय न्यूज ग्रुप, जैसा कि, राजनीति सियासत की करवट बदलते ही नजारे की ताव पर सवाल उठना लाजिमी है। हाल के दिनों में जयपुर में मीडिया को संबोधित करते हुए शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने अपने उद्बोधन में कहा, कि आदिवासी हिंदू नहीं है, इनकी डी एन ए जांच होनी चाहिए। जिस वक्तव्य से सारे देश के भीतर आदिवासी समुदाय द्वारा मंत्री के वक्तव्य पर व्यापक थू थू हो रहा है। वहीं मूल निवासी आदिवासी जनता में बेहद आक्रोश देखा जा रहा है। इस वक्तव्य को लेकर गोंडवाना गणतंत्र पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं छत्तीसगढ़ राज्य के विधायक तुलेश्वर सिंह मरकाम ने प्रेस को दिये अपने एक वक्तव्य में कहा है, कि शिक्षा मंत्री मदन दिलावर को पहले देश के इतिहास को पढ़ना चाहिए, गौरतलब तत्पश्चात आदिवासियो की डी एन ए का बात करना चाहिए। उन्होंने कहा कि, ऐसे कुतंत्र से जुड़े मंत्री को तुरंत इस्तीफा दे देना चाहिए। जो देश की इतिहास नहीं जानते। जिन्हें प्रथम प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरु से सीख लेनी चाहिए, जो बोलगा से गंगा तक की पुस्तक में स्पष्ट कर दिया है, कि इस देश का असली मालिक हैं, वह है आदिवासी, जिनका डी एन ए की जरूरत नहीं, बल्कि जरूरत उनकी है, जो बोलगा से कैस्पियन की खाड़ी से पामिर की घाटी होकर भेड़ बकरियां चराते हुए जिन्हें शरण लेना पड़ा था। हिम्मत है, तो जिन्हें उनकी डी एन ए कराके दिखाए जाना चाहिए। अन्यथा देश के आदिवासियों की अस्मिता पर सवाल नहीं खड़ा होना चाहिए।