सरगुजा उदयपुर के रिश्वत खोर एसडीएम खांडे को एंटी करप्शन ब्यूरो ने 50 हजार रुपए की रिश्वत के मामले में धर दबोचा, स्थानीय लोगों में व्यापक प्रसन्नता।

   ( जानीसार अख्तर ब्यूरो चीफ गोंडवाना उदय न्यूज सरगुजा)

  • सरगुजा उदयपुर के रिश्वत खोर एडीएम भागीरथी खांडे और उसके रीडर सहित 2 अन्य को एंटी करप्शन के अधिकारियों ने रिश्वत लेने के मामले में आज धर दबोचा

अंबिकापुर, छत्तीसगढ़ 21 जून 2024,गोंडवाना उदय न्यूज ग्रुप।

आज उदयपुर एसडीएम भागीरथी सहित अन्य 4 उनके सहयोगियों को एंटी करप्शन ब्यूरो अंबिकापुर ने रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़ा। दरअसल सरगुजा जिले के लखनपुर में लगातार भ्रष्टाचार में संलिप्त एसडीएम उदयपुर बी आर खांडे हमेशा सुर्खियों में थे, इसके बाद एंटी करप्शन ब्यूरो ने आखिरकार एसडीएम को 50 हजार रुपए रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़ लिया है।

बहरहाल जिले में ऐसे कई अधिकारी अभी भी भ्रष्टाचार में लिप्त है,अब देखना होगा। क्या वे भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाते हैं या नहीं, या फिर इसी तरह अपनी पारी का भी इंतजार कर रहे।
एंटी करप्शन ब्यूरो की बड़ी कार्यवाही 50,000 रिश्वत लेते एसडीएम सहित चार  अन्य धर्मपाल दास रीडर, भृत्य अबीर राम सहित एक,सैनिक  को एंटी करप्शन ब्यूरो ने धर दबोचा है और अभिरक्षा में रख लिया है। सूत्रों की मानें तो पूछताछ जारी है।


शासन की भ्रष्टाचार विरोधी मुहिम को लेकर एंटी करप्शन ब्यूरो इकाई अंबिकापुर द्वारा एक बड़ी कार्रवाई की गई। शुक्रवार को उदयपुर एसडीएम कार्यालय में जमीन संबंधित मामले में 50000 की रिश्वत लेते एंटी करप्शन ब्यूरो टीम ने उदयपुर एसडीएम भागीरथी खांडे सहित चार लोगों को गिरफ्तार किया है वही समस्त आरोपियों की संपति के संबंध में एसीबी द्वारा गहन जांच प्रारंभ की गईहै।

जानकारी के मुताबिक ग्राम जजगा निवासी कन्हाई राम बंजारा ने जमीन संबंधी मामले में रिश्वत मांगने की शिकायत पर एंटी करप्शन ब्यूरो अंबिकापुर के द्वारा मामले की गंभीरता को लेते हुए एंटी करप्शन ब्यूरो की टीम ने उदयपुर एसडीएम कार्यालय पहुंचे 50000 की रिश्वत लेते रंगे हाथों एसडीम भागीरथी खंडे बाबू चपरासी और गार्ड को गिरफ्तार किया है।

अनूसूचित क्षेत्र 244(1) पांचवीं अनुसूची क्षेत्रों में इस प्रकार के भ्रष्टाचार से लिप्त राजस्व विभाग में पदस्तीकरण पर तत्काल रोक लगाई जाए। चूंकि अनूसूचित जनजाति जिलों में सबसे ज्यादा राजस्व मुद्दे हैं। ऐसे इलाकों में गैर जनजाति वर्गों के प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा अपने पदीय दायित्वों का भोले भाले आदिवासी जनता के हितों की संरक्षण के प्रति जबावदेही नहीं होता। भेदभाव पूर्ण मानसिकता देखी जाती है बिना लेनदेन का कहीं कोई कार्य नहीं होता। प्रशासन को चाहिए कि अनूसूचित जनजाति इलाकों में इन्हीं वर्गो के अधिकारियों की पदस्थापना हो जिससे आदिवासी समुदाय की भावनाओं को समझ सके। उक्त बातें गोंडवाना गणतंत्र पार्टी के राष्ट्रीय महामंत्री डॉ एल एस उदय ने प्रेस को एक अनौपचारिक चर्चा के दौरान कही।