विश्वकर्मा पूजा की विशेषताएं को महत्व को लेकर हुआ विशेष पूजा पाठ

बीते दिनों 17 सितंबर परिहार की लोकप्रियता से ब्राह्मणवाद का खतरा था इसलिए विश्वकर्मा पूजा के रूप में मनाया जाता है
(बृजेश गोंड ब्यूरो चीफ देवरिया गोंडवाना उदय जीसीजी न्यूज)

भारत के तकनीकी निर्माण स्थान का स्थापना का श्रेया अंग्रेज सरकार को जाता है उसके द्वारा ही मोटर गाड़ी रेल गाड़ी और साइकिल जैसे संस्था को तैयार करते हुए कारखानों की स्थापना हुई फिर भारत से अंग्रेजी कैलेंडर वाली तिथि से 17 सितंबर को विश्वकर्मा पूजा के रूप में प्रारंभ हुआ मुख्य रूप से 17 सितंबर को बहुत ही बड़े सामाजिक क्रांति के अद्भुत परियार साहब का जन्म दिन था उनके द्वारा शुरू की गई आडंबर पाखंड को नष्ट करने वाली क्रांतिकारी लो धीरे-धीरे बढ़ रही थी इसलिए ब्राह्मणों ने परियार साहब के जन्मदिन और उनके चेहरे को अपघ्रत करते हुए एक काल्पनिक कहानी को लिखते हुए ब्राह्मणों ने एक नया रूप में स्थापित कर दिया पेरियार साहब की दक्षिण भारत में बहुजन के हक और रक्षा के लिए परियार साहब का जन्म 17 सितंबर 1879 को पश्चिम तमिलनाडु स्थित हुआ था