गोंगपा महामंत्री डॉ उदय ने प्रकृति संरक्षण व संवर्धन को लेकर गोंडवाना शक्ति ठाना रतनपुर में किया पूजा पाठ और लगाया पौधा। और कहा- पौधा रोपित कर संरक्षण करना हमारा प्रथम कर्तव्य है।
गोंगपा महामंत्री डॉ उदय ने प्रकृति संरक्षण व संवर्धन को लेकर गोंडवाना शक्ति ठाना रतनपुर में किया पूजा पाठ और लगाया पौधा। और कहा- पौधा रोपित कर संरक्षण करना हमारा प्रथम कर्तव्य है।
एमसीबी छतीसगढ/ 22 सितंबर 2022, सच कहें तो प्रकृति पर अदभुत श्रद्धा और विश्वास रखने वाले जमात मूल निवासी आदिवासी समुदाय आज भी किसी मूर्ति का पूजा पर भरोषा नहीं करते, बल्कि निराकार शक्ति जो प्रकृति से जुड़ा हुआ होता है। जिनका आराध्य बड़ादेव ठाना का ध्वज भी सप्तरंगी जो सूर्य के प्रकाश पर आधारित माना जाता है। अमूमन 7 देव पेंन शक्ति मानते हैं। बीते दिनों 21 सितंबर को कोरिया जिले के नवीन एमसीबी के अन्तर्गत ग्राम पंचायत रतनपुर में गोंडवाना गणतंत्र पार्टी के राष्ट्रीय महामंत्री डॉ एल एस उदय सिंह जिन्होनें भुमकाओ के साथ सर्वप्रथम आराध्य प्रकृति शक्ति फड़ापेन को भावपूरित पूजा पाठ किया।
वहीं गोंड समाज द्वारा स्थापित गोंडवाना शक्ति स्थल में सभी लोगों ने हृदय जोहार व नमन किया। तथापरंपरागत रुप से एक राय होकर पेन ठाना स्थित बंजर भूमि में नीम,आम,कटहल तथा जामुन तथा अर्जुनी पौधों का रोपण किया। इस अवसर पर राष्ट्रीय महामंत्री डॉ एल एस उदय सिंह ने कहा कि आज हमारे लोग पत्थरों पर भरोषा किये तथा जिनके सामने सिर झुकाते हैं। लाखों यज्ञ किये पर देश की गरीबी दूर नहीं हुआ। उल्टे लोगों को भाग्य और भगवान के नाम पर गुलाम बना दिये। आज युगों युगों से बसने वाले आदिवासी समाज इन्हीं सब कारणों से अपने जल जंगल और जमीन से दूर हो रहे हैं। वहीं एक ओर बढ़ती जनसंख्या तो दूसरी ओर वनों की अंधाधुंध दोहन भी मानव जीवन के लिए एक गंभीर खतरा बन गया है। हम लोगों को चाहिये कि अधिक से अधिक संख्या पेड़ पौधों को लगायें और संरक्षित करें। जो मानव जीवन का आधार है। बिना आवश्यकता का जंगल को क्षति न पहुंचाये। उन्होंने सभी लोगों से कहा कि कम से कम 10 पौधा प्रति वर्ष लगाने का आदत बनायें और संरक्षित रखने का यही सबसे बड़ा एक प्रकृति सेवा है।तथा उन्होनें कहा कि जंगल है तो आदिवासी हैं। सभी लोगों ने प्रति सप्ताह हर रविवार को यहां पौधा लाकर रोपित करने को कहा है।