सूरजपुर जिले में स्थित रामानुजनगर महाविद्यालय में व्यापक भ्रष्टाचार के लगे गंभीर आरोप,जांच की उठी मांग

    (डी पी सिंह मरकाम जिला ब्यूरो द्वारा )

“सूरजपुर / छत्तीसगढ, GCG NEWS 12 सितंबर 2021, सूत्रों की मानें तो यह अनुसूचित जिला के दायरे में आता है । चूंकि पांचवी अनुसूचित क्षेत्रो में लोक अधिसूचना अनिवार्य होता है। ऐसे ही इलाके में संचालित महाविद्यालय रामानुजनगर है। जिस विद्यालय के कुछ अहम जानकारी आरटीआई के कार्यकर्ता जगधारी सिंह ने निकालकर जानकारी प्रेेस को दिया है। जो वेहद गंभीर व चौकाने वाला है। जिस महाविद्यालय के कानून और कायदे वहां के प्रचार्य और एक सहायक ग्रेड तीन के मुताबिक चलता है । इस समय इस महाविद्यालय रामानुजनगर के प्रभारी प्राचार्य सहायक ग्रेड 3 के द्वारा 12 वर्षों से चौकीदार पद पर कार्यरत बाबूलाल बिनकर को कोरोना महामारी के समय जिन्हें निकाल दिया गया है। जिससे उनकी की रोजी-रोटी संकट में फंस गया है। जिन्हें  महाविद्यालय से बिना नोटिस के पद से हटा दिया गया है । इनकी दैनिक मजदूरी वेतन राशि को 2000, व 3000,तक वेतन दिया जाता था। तथा इनकी मानदेय राशि को 2021 में लगभग 4000 से 4500 तक दिया जाता था। चपरासी बाबूलाल बिनकर ने  बताया । आरोप हैै कि सहायक ग्रेड 3 के कर्मचारी टमलेश्वर रजवाड़े के द्वारा उपस्थिति पंजी में हस्ताक्षर नहीं करवाया गया है। वहीं  लॉकडाउन के दौरान महाविद्यालय के परिसर में पानी की कमी होने के कारण कुछ पौधे नष्ट हो गए थे , जिसके वजह से चपरासी बाबूलाल का कहना है कि मेरा 1 माह का वेतन की राशि काट लिया गया था। तथा उनका कहना है कि मुझे प्रताड़ना व गाली गलौज भी किया जाता था।
एवं बाबूलाल बिनकर के द्वारा बताया गया कि महाविद्यालय में कुछ और कार्यरत जैसे कंप्यूटर ऑपरेटर अभिमन्यु प्रजापति को बताया गया कि लगभग डेढ़ 2 वर्षों से महा विद्यालय में कार्यरत है ।
लेकिन आरटीआई कार्यकर्ता जगधारी सिंह के द्वारा कहा गया है कि  उपस्थिति पंजी में अभिमन्यु प्रजापति कि 5 से 6 माह तक की जानकारी महाविद्यालय द्वारा जानकारी उपलब्ध कराई गई है। जिसमें गणेशप्रसाद तथा समयलाल चौकीदार की जानकारी भी छुपाई गई है। जबकि इन पद धारियों की कलेक्टर दर पर वेतन भुगतान भी किया जा रहा था। समयलाल एवं गणेशप्रसाद महाविद्यालय में आज तक कभी भी काम नहीं किए हैं। तथा शासकीय महाविद्यालय रामानुजनगर में आहरण संवितरण प्रभारी प्राचार्य  राजनीति शास्त्र शासकीय रेवती रमण मिश्र कॉलेज में पदस्थ हैं।
तथा रामानुजनगर में प्रभारी प्राचार्य 7 से 8 वर्षों तक प्रभारी प्राचार्य के पद पर पदस्थ हैं । कार्यालय आयुक्त उच्च शिक्षा संचालनालय रायपुर छत्तीसगढ़ के आदेश से सप्ताह के तीन दिवस सोमवार, बुधवार, शुक्रवार महाविद्यालय में उपस्थित होकर तदनुसार शैक्षणिक, अशैक्षणिक अन्य गतिविधियों का संचालन किया जाना सुनिश्चित किया जाता है , कार्यालय का आदेश क्रमांक/611-612/194 आउशि/राज./2014 दिनांक 22/09/2014 को पारित किया गया था। जबकि प्रभारी प्राचार्य महाविद्यालय रामानुजनगर वर्ष में 2-4 दिन उपस्थित होते हैं। लगभग महाविद्यालय में छात्र-छात्राओं की संख्या 500 से ऊपर अध्ययनरत हैं। और किसी कारणवश प्राचार्य की हस्ताक्षर व आवश्यकता होती है तो लगभग 25 किलोमीटर दूर सूरजपुर छात्र-छात्राओं को जाना पड़ता है।
और अतिथि व्याख्याता भर्ती अपने रिश्तेदार व चहेतो को रखकर लाभ पहुंचाया गया है।
तथा टमलेश्वर राजवाड़े के द्वारा शासकीय महाविद्यालय के सी.सी.टीवी कैमरा को छेड़छाड़ किया गया है। एवं अगस्त 2020 में व जून 2021 में सीसी कैमरा लगाया गया था।
तथा महाविद्यालय के द्वारा सीसी कैमरे की रिकॉर्डिंग की जानकारी छुपाई गई है ,लगभग तीन लाख 17 हजार की लागत से CCTV कैमरा लगाई गई है । तथा महाविद्यालय के उपस्थिति पंजी में भी हस्ताक्षर किया गया है संदिग्ध है । प्रेस को दिया गया उक्त जानकारी आर टीआई कार्यकर्ता जगधारी सिंह व पीड़ित चौकीदार बाबूलाल बिनकर की ओर से दिया है।