समुदायों में गोंड एक सर्वाधिक लोकप्रिय है। जिनका मध्य भारत में 52 गढ़ 57 परगना एक साम्राज्य स्थापित रहा है। जिन गोंड शासकों का गढ़ा मण्डला, नामनगर,जबलपुर, जिनका अतीत का एक विरासत मदन महल भी आज तक का एक धरोहर है। ऐसे कई गौरवशाली ऐतिहासिक धरोहर मिर्जापुर,सोनभद्र, जौनपुर से लेकर कालाहांड़ी,नागपुर, तेलंगाना,भोपाल तक गोंडवाना साम्राज्य विस्तारित रहा है, जहां गोंड राजवंश का गौरवशाली इतिहास था। आज यह मूल निवासी समाज के लिए जो इनका सादगीपूर्ण जीवन जीना ही सबसे बड़ी चूक है। जिनके पैरों तले खनिज संपदा जल जंगल जमीन है। जो गैर वर्गो के लिए आज दुश्मन सा बन गया है। सरकार आज इन वर्गों को वेदखल करने के लिए जगह जगह प्रपंच रच रही है। गौरतलब
कार्यपालिका,विधायिका,न्यायपालिका तथा खबरपालिका में भी इनकी आवाज आज गूँगी बन गया है। इस समाज से गये राजनेताओं भी अपने ही आकाओं के इशारे में चलते हैं। ऐसे राजनेता जो अपने सामाजिक संवेदनाओं से मुंह मोड़कर चलते हैं। जिन्हें केवल तन्ख्वाह और ऐसो आराम ही दिखता है। वहीं गैर राजनीति को विरासत समझने वाले जिनके ही परिवार के बहू बेटियों के साथ गैर वर्गों द्वारा अपमान जनक घटना घटती है। पर विडंबना है कि समाज के ऐसे नेता मंत्री जिनके नाक के नीचे अपमान जनक घटना घटती है, लिहाजा मुंह नहीं खोल पाते।
उपरोक्त बातें गोंडवाना गणतंत्र पार्टी राष्ट्रीय महासचिव डॉ एल एस उदय ने प्रेस के साथ अपनी अपनी अनौपचारिक चर्चा के दौरान कहा है -कि मध्यप्रदेश स्थित छिंदवाड़ा जिले में कथित तौर पर एक शादी समारोह में आदिवासी जन जाति समुदाय के साथ तामिया थाना के एक गैर वर्ग की महिला टी आई द्वारा यह जान बूझकर एक अमानवीय कृत्य किया हैै। जिस घटना को लेकर गोंडवाना गणतंत्र पार्टी घोर निंदा करती है।
वहीं मध्यप्रदेश सतारूढ़ से आग्रह है कि कानून के ऐसे रखवाले जिनका कृत्य ही अशांति भड़काना हो मंजूर नहीं, त्वरित वैधानिक कार्यवाही हो। सब कुछ वर्दास्त हो सकता है।
सामाजिक सम्मान के साथ खिलवाड़ नहीं होने देंगे। हम जानते हैं आदिवासी वर्ग के लोग अधिकांश गांव में निवास करते हैं। इस वैश्विक आपदा के दौर में कुछ चूक हो सकती है। कार्यवाही करना लाजिमी है, पर किसी पुलिस लोकसेवक को किसी समाज के आस्था और परंपरा के उपर लात मारने का आधिकार नहीं है।
सूत्रों की मानें तो पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव डॉ एल एस उदय ने पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष को इस घटना की संवेदन शीलता पर आपात कालीन चर्चा कर प्रशासन के अधिकारियों से निष्पक्ष रुप से जांच करवाने की दिशा निर्देश दिया है।
जैसा कि इस संबंध में दैनिक समाचार पत्र गोंडवाना समय दिनांक 16 मई 2021, दिन -रविवार को छपी खबरों के अनुसार आदिवासी समाज के श्री जलसराम पिता श्री फगसलाल परतेती, जाति गोंड, ग्राम मढालढाना, ग्रामपंचायत लहगडूआ, थाना-तामिया, जिला- छिंदवाड़ा मध्यप्रदेश के घर 12 मई 2021, दिन बुधवार को वैवाहिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया था । शाम 7:30 बजे के आसपास थाना प्रभारी एवं तहसीलदार तामिया गांव मढालढाना पहुंचे।उस समय पंडाल के नीचे 15- 20 लोग भोजन कर रहे थे ।थानेदार प्रीति मिश्रा द्वारा भोजन कर रहे लोगों के पत्तलों पर लात जूते मारे एवं कहा गया कि जल्दी उठकर भागो नहीं तो सबको जेल में डाल दूंगी। इसके पश्चात घर में पीछे के दरवाजे से जूते पहनकर पहुंची जहां अंदर 5-6 महिलाओं द्वारा दुल्हन को हल्दी लगाई जा रही थी। थानेदार ने वहां बैठे सभी महिलाओं को अपशब्दों का प्रयोग पर जातिगत रूप से अपमानित किया वहीं दुल्हन के सामने रखी हुई कलश को जूते से लात मार कर गिरा दिए। उसके बाद दुल्हन को लात मारी जिससे दुल्हन चौक से नीचे गिर गई। वहां बैठी महिलाओं ने इसका विरोध किया तो थानेदार ने लात घुसे से सब महिलाओं को मारने लगी। अंदर की चिल्लाहट सुनकर बाहर खड़े लोगों तक आवाजा आई तो लोग पूछने लगे कि क्या हुआ तब महिलाओं ने घटना की जानकारी दी। जानकारी मिलने पर लोगों ने थानेदार को समझाने का प्रयास किया। लेकिन थानेदार अपशब्दों का प्रयोग करती रही और उल्टा गांव वाले सीधे-साधे आदिवासियों पर मारपीट एवं बलवा का प्रकरण बनाया गया। टी आई के इस कृत्य से पूरे देश भर के आदिवासी समाज आक्रोशित एवं आंदोलित है। आज जब पूरा देश कोविड-19 से जूझ रहा है । ऐसे समय में सुदूर अंचल जंगल गांव में निवास करने वाले दिन-दुनिया से दूर भोले-भाले अनजान आदिवासियों को जागरूकता लाने के लिए समझाने की जरूरत है । आदिवासी समाज में दूल्हा- दुल्हन को देव स्वरूप माना जाता है और ऐसे आदिवासियों के आस्था पर ठोस पहुंचाना, टीआई द्वारा लात घुसे मार कर आदिवासियों के साथ जो कृत्य किया गया है। अमानवीय व्यवहार है। तत्काल एक समिति गठित कर दोषी थाना प्रभारी के विरुद्द अनू सूचित जाति जन जाति अत्याचार प्रताडना अधिनियम 1989 के तहत मामला दर्ज कर वैधानिक कार्यवाही हो। उन्होनें चेतावनी दिया है कि प्रशासन निष्पक्ष रूप से जांच कर उचित कार्यवाही समय रहते नहीं करेगी तो न्याय के लिए जनांदोलन किया जावेगा।