( अमित उदय ब्यूरो चीफ द्वारा)

रायपुर छत्तीसगढ़ /गोंडवाना उदय GCG न्यूज ग्रुप/29 अगस्त 2023, अतीत से वर्तमान के हालातों को देखा जाये, तो छत्तीसगढ़ राज्य में बहुसंख्यक आदिवासियों की आबादी होते हुए भी सरकार के जिम्मेदार मंत्रालय ने इन वर्गों की शिक्षा का विकास के क्षेत्र में लगातार दोहरा मापदंड अपनाते रही है।
हिमायती तौर पर कोई भी व्यक्ति मसीहा पैदा नहीं होता, शिक्षा पाकर ही आगे उठता है। जबकि प्रदेश में एक बड़ा हिस्सा आदिवासियों का है, लेकिन जमीनी सच्चाई तो यह है कि जितने भी आदिवासी विभागो के जिम्मेदार पदों में बैठे हैं। जिनका आदिवासी समुदाय के छात्र छात्राओं के प्रति चरित्र ही ठीक नहीं लगता। लिहाजा जिनका मानसिकता आदिवासियों को बुनियादी सुविधाएं शिक्षा से वंचित करना इनका प्राथमिकता से कम नहीं है। दरअसल आज भी गांवो में सर्वाधिक गरीब और कमजोर आदिवासी समुदाय है। आज आदिवासियों के नाम पर कई प्रकार से ढोंग और लूट करने में सरकार माहिर है। नीति सिद्धांत ऊंची बनाते हैं पर अमल नहीं करते। जैसा कि सू़त्रों की मानें तो बीते कुछ माह पहले आदिवासी विभाग द्वारा एकलव्य आवासीय विद्यालय के लिए एक परीक्षा लिया गया था। महज पूरे प्रदेश में शिक्षा सत्र गुजरने के बाद भी परीक्षा में चयनित बच्चों को प्रवेश न देना, जो सबसे बड़ी चुनौती था। इसी मुद्दों को लेकर गोंडवाना स्टुडेंट यूनियन प्रदेश इकाई छत्तीसगढ़ ने बच्चों के हित में आंदोलन की चेतावनी दिया था। लिहाजा राजधानी मुख्यालय रायपुर आदिम जाति कल्याण मंत्री मोहन मरकाम की पुतला दहन किया गया। वहीं सहायक आयुक्त की घेराव कर यूनियन के पदाधिकारियों ने प्रदर्शन किया।
