मूकबधिर युवती को अगवा कर सामूहिक दुष्कर्म के पांच आरोपियों को कोर्ट ने दिया 25 साल की सजा व अर्थदंड।

(संदीप सिंह पोर्ते स्टेट ब्यूरो चीफ)

रायपुर छत्तीसगढ़ (GCG NEWS) 28 मार्च 2021 राज्य के गौरेला पेंड्रा मरवाही के इलाका में एक मूक बधिर युवती को कुछ अपराधियों ने हाथ पैर बांधकर अपहरण करके सामुहिक दुष्कर्म करने की घटना क्षेत्र के लिए एक सनसनीखेज मामला था।बीते ढेढ़ साल से स्थानीय जिला मुख्यालय स्थित अपर सत्र न्यायाधीश में इस मामले की सुनवाई चल रही थी। जानकारी की मानें तो 27 मार्च 2021 को साक्ष्य सही पाये जाने पर आरोपियों को 25-25 साल की सश्रम कारावास की सजा सुना दी। जाहिरतौर पर 20 महीने बाद पीड़ित परिवार को न्याय मिला ,जिससे परिवार में सुकून और राहत मिली है। पहली घटना है कि कि-पेंड्रा-मरवाही में मूकबधिर युवती से गैंगरेप के दोषियों को कोर्ट ने 25-25 साल की सजा सुनाई है। मरवाही क्षेत्र में अगस्त 2019 को पांचों ने बाजार से युवती को किया था अगवा, हाथ-पैर बांधकर किया था गैंगरेप कोर्ट ने विधिक सेवा प्राधिकरण को ढाई लाख रुपए की सहायता राशि भी युवती को देने के आदेश दिए।छत्तीसगढ़ के गौरेला-पेंड्रा-मरवाही (GPM) जिले में मूकबधिर युवती से गैंगरेप मामले में शुक्रवार को ADJ कोर्ट ने दोषियों को 25-25 साल की सजा सुनाई है। साथ ही 5 हजार रुपए का आर्थिक जुर्माना भी उनके ऊपर लगाया है। कोर्ट ने पीड़िता को ढाई लाख रुपए की सहायता राशि देने का आदेश भी विधिक सेवा प्राधिकरण को दिया है। दोषियों ने अगस्त 2019 में युवती का अपहरण कर उससे दुष्कर्म किया था। दरअसल, मरवाही के रटगा गांव में 25 अगस्त 2019 को बाजार गई मूक बधिर युवती को राजाडीह गांव के रहने वाले 5 युवक संजीव कुजूर (20), सूरजदास (23), मिथुन सुखसेन कुजूर (21), कृष्ण कुमार (35) और गौरी शंकर उरांव (20) बाइक से अगवा कर ले गए थे। इसके बाद पांचों ने युवती के हाथ-पैर बांध दिए और उससे सामूहिक दुष्कर्म किया। उनके चंगुल से किसी तरह से छूट कर अपनी जान बचा कर युवती किसी तरह अपनी बुआ के पास पहुंची और अपनी बुआ के मददत से थाने में FIR दर्ज कराई। इंटरप्रेटर की सहायता से पुलिस ने सुलझाया था केस मरवाही थाना पुलिस ने इस मामले में कुछ संदेहियों को गिरफ्तार किया, लेकिन युवती के मूकबधिर होने के कारण खास कुछ नहीं हो पा रहा था। ऐसे में पुलिस ने बिलासपुर से भाषा प्रबोधक (इंटरप्रेटर) को बुलाया। उसकी मदद से आरोपियों की पहचान युवती से कराई। घटना का पूरा ब्यौरा तैयार किया। इसके बाद पांचों आरोपियों को गिरफ्तार कर पुलिस ने कोर्ट में पेश किया था। मामले की सुनवाई ADJ विनय कुमार प्रधान की कोर्ट में हुई। अलग-अलग धाराओं में सुनाई गई सजा, सभी एक साथ चलेंगी। कोर्ट ने मामले की सुनवाई करते हुए धारा 376 के तहत दोषियों को 25-25 साल की सजा और 5 हजार रुपए का अर्थदंड लगाया। वहीं धारा 366 के तहत 10 साल की सजा और 1000 रुपए का अर्थदंड, धारा 342 में एक साल की सजा और 500 का अर्थदंड कर सजा सुनाई है। सभी सजा एक साथ चलेंगी। ऐसे में दोषियों को 25 साल की सजा भुगतनी होगी। इस मामले में राज्य शासन की ओर से पैरवी अतिरिक्त लोग अभियोजक पंकज नगाईच ने की।