बीजापुर में माओवादी हमला के नाम पर 10 निर्दोष गरीब आदिवासी तेंदूपत्ता संग्राहको के साथ हुई नरसंहार को लेकर गोंडवाना गणतंत्र पार्टी के राष्ट्रीय महामंत्री डॉ उदयसिंह ने गहरी संवेदना जताया और कहा, कि यह निर्मम घटना की निष्पक्ष तथा न्यायिक जांच हो , राष्ट्रपति को भेजा पत्र, और कहा दोषियों पर हत्या का मामला दर्ज हो।
बीजापुर में माओवादी हमला के नाम पर 10 निर्दोष गरीब आदिवासी तेंदूपत्ता संग्राहको के साथ हुई नरसंहार को लेकर गोंडवाना गणतंत्र पार्टी के राष्ट्रीय महामंत्री डॉ उदयसिंह ने गहरी संवेदना जताया और कहा, कि यह निर्मम घटना की निष्पक्ष तथा न्यायिक जांच हो , राष्ट्रपति को भेजा पत्र, और कहा दोषियों पर हत्या का मामला दर्ज हो।
रायपुर छत्तीसगढ़ गोंडवाना उदय/GCG न्यूज ग्रुप, जैसा कि सूत्रों की मानें तो बीते दिनों 10 मई 2024 को बीजापुर जिले के पुलिस सुरक्षा बल द्वारा ग्राम पीडिया और इतावर के 10 बेकसूर तेंदूपति संग्राहक भोले भाले गरीब आदिवासियाें को स्थानीय सुरक्षा बल के जवानों ने इनामी नक्सली संगठन से जुड़े मावोवादी सदस्य बता कर मार गिराने की झूठी दावे पुलिस के लिए किरकिरी बन गई है। शोसल मीडिया एवं स्थानीय अखबारों से मिली सूत्रों को लेकर गोंडवाना गणतंत्र पार्टी के राष्ट्रीय महामंत्री डॉ एल एस उदय सिंह ने कहा कि निर्दोष तेंदू पत्ता तोड़ने वाले गरीब आदिवासियों को फर्जी तौर पर नक्सली बता कर निर्मम तरीके से की गई आदिवासियों की हत्या के प्रति गहरी शोक जताया है। और कहा है, कि यह सरकार की नैतिक दायित्व नहीं है, जो अपने बहादुरी के लिए गूंगे बहरे गरीबों की हत्या कर दे। और अपनी दामन की दाग बचाने के लिए ईनामी हार्डकोर गरीबों को नक्सली बता दे। यह बेहद अमानवीय कृत्य है, इस घटना की न्यायिक आयोग द्वारा निष्पक्ष जांच हो, और निर्दोष लोगों की हत्या के जिम्मेदार दोषी पुलिस अधिकारियों पर न्यायोचित कार्यवाही हो। और मृतकों के पीड़ित विधवा महिलाओं को शासन द्वारा 1 – 1 करोड़ रूपए का आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जावे।
उन्होंने यह भी कहा कि सरे आम गरीब आदिवासी लोगों को जिनके पास कोई आय का जरिया नहीं है। जिनका वनोपज ही एक सहारा होता है । उन्होंने संवेदना जताते हुए कहा कि ऐसे बेकसूर आदि वासियो को दिन दहाड़े पुलिस मौत के घाट उतार दिया गया , क्या ऐसी कृत्य के लिए हमने आजादी की लड़ाई लड़ा था। ऐसा कल्पना हमनें हरगिज नहीं किया था। आज ऐसे इलाकों में कुछ नवजवानों द्वारा सामाजिक और आर्थिक शोषण के विरुद्ध दुर्भाग्य से हथियार बंद लड़ाई लड़ रहे हैं जिसका जिम्मेदार सरकार है। जो बस्तर के अंदरूनी हिस्सों के लिए आज एक गंभीर सवाल है। और मार्मिक वेदना लोगों की दिलों दिमाग को आज कचोट रहा है। पार्टी राष्ट्रीय महामंत्री डॉ उदय सिंह ने पांचवीं अनुसूचित क्षेत्र के भीतर घटित हुई इस भीभत्स घटना को लेकर आदिवासी समुदाय के संरक्षक महामहिम राज्यपाल और राष्ट्रपति को एक पत्र लिखकर तीन दशकों से अधिक इन इलाकों में मावो वादियों के नाम पर हो रहे नरसंहार को रोकने के लिए तत्परता से कदम उठाने की बात कहा है। और सवैंधानिक तौर पर आदिवासियों को मिले उनके हाथों में प्रशासन और नियंत्रण जैसे मौलिक अधिकार का पूर्ण रूपेण पालन हो।
गोंडवाना गणतंत्र पार्टी के राष्ट्रीय महामंत्री डॉ एल एस उदय सिंह ने उन सभी शोसल मीडिया के ग्राउंड रिपोर्टरों जिन्होंने घटना स्थल की मुवायना एवं जांच परख कर सच को उजागर किया। तथा सामाजिक महिला कार्यकर्ता सोनी सोरी जिन्होंने पीड़ित परिवारों की वेदना को उठाया। जिन पर हमें गर्व है।