गोंड आदिवासी समुदाय की एक युवती के साथ सामूहिक बलात्कार कर तेजाब डालने की मामले में पोंडी बचरा पुलिस चौकी द्वारा तीन माह बाद भी रिपोर्ट का कागज न देने तथा समझौता के लिए दबाव बनाने की शिकायत पर आक्रोश, तथा ईलाज के अभाव में गंभीर हालत में जूझ रही युवती की ईलाज को लेकर गोंडवाना गणतंत्र पार्टी करेगी पुलिस मुख्यालय कोरिया का घेराव।

( गोंडवाना उदय न्यूज ब्यूरो द्वारा)

कोरिया छत्तीसगढ़, गोंडवाना उदय न्यूज ग्रुप 18 फरवरी 2024 कुछ भी कहें, छत्तीसगढ़ राज्य का यह पांचवी अनुसूचित इलाका है। जहां आदिवासियों के हितों की संरक्षण के लिए मौजूदा हालात में नई नई कानूनी कायदे बनी है। लेकिन यहां की काल्पनिक अदालत आम आदमी की व्यथा को उजागर नहीं कर पा रही है। हकीकत तो यह है कि राज्य में सरकार किसी का भी हो, गरीब आदिवासी सहित अन्य दुर्बल वर्गों के साथ जो यातनाएं का बढ़ती दायरा एक गहरी खाई बनते जा रही है। और इन वर्गो का सामाजिक डिफेंस सिस्टम कमोवेश शसक्त नहीं है। वहीं सतारूढ सरकार के कोख में पलने वाले नेताओं के आंखों की पानी अब सूखने जैसा है। लिहाजा अब भोले भाले आदिवासी समुदाय के जनता का मनोबल भी टुटना लाजिमी है।

उक्त बातें गोंडवाना गणतंत्र पार्टी के राष्ट्रीय महामंत्री डॉ एल एस एस उदय सिंह ने गोंड आदिवासी समुदाय की युवती के साथ बलात्कार जैसे घटना में संवेदनशीलता की जानकारी मिलने पर पीड़िता एवं उसके परिजनों से हालात जाना उसके के बाद एक अनौपचारिक बातचीत में प्रेस को बताया कि मामलात पुलिस चौकी पोडी बचरा से जुड़ी हुई है। पीड़ित युवती की मानें तो, गैर समुदाय के गैर दबंगों ने 16 नवंबर को रात 10 बजे एक 19 वर्षीया आदिवासी युवती के घर बैमा में आकर दुर्गा पूजा दिखाने के बहाने युवती को ले गये। तथा पास के जंगल में ले जाकर जबरन  सामूहिक बलात्कार किया गया तथा चिल्लाने पर बड़ी क्रूरता के साथ युवती के शरीर उपर ज्वलनशील तेजाब डाल दिया गया। जिस घटना के बाद पीड़िता को जिला चिकित्सा बैकुंठपुर में 20 दिनों तक उपचार के लिए रखा गया। जिस संबंध में उसकी मां एवं सौतेला पिता मनीलाल कोराम ने बताया कि पैसा के ठीक से ईलाज न करने पर 20 दिन बाद पीड़िता की मां अपने भाई सुखलाल के घर ग्राम बैमा में जड़ी बूटियों से ईलाज करवाने को विवश है। अपुष्ट तेजाब जैसे कैमिकल शरीर में दाएं अंग बुरी तरह से झुलस गई है, चिकित्सा एवं साफ सुथरा के अभाव में कारण जख्म चमड़ी में भिन भिनाती तथा दुर्गंध जो बेहद गंभीर हालत में पीड़िता खाट में पड़ी, जिंदगी और मौत से जूझ रही है। गरीबी और अभाव ग्रस्त यह युवती के साथ हुऐ दुष्कर्म जैसे रेयर मामले में पुलिस प्रशासन तथा जिम्मेदार आदिवासी विकास विभाग के अधिकारी चुप्पी साध लिये हैं। जानकारी की मानें, 16 नवंबर 2024 को घटित मामला में अपराध क्रमांक 124 /23 आईपीसी 376, (2 N) एससी एसटी एक्ट 5(2)तो दर्ज कर लिया गया। लेकिन तेजाब डाल कर हत्या करने की चेष्टा जैसे गंभीर अपराध को पुलिस द्वारा न जोड़ कर अपराधियों को दी गई संरक्षण से आम जनता में बेहद आक्रोश है। वहीं सच मानें तो, राजपत्रित जांच अधिकारी कोई भी हो, इस घटना में चौकी प्रभारी ओम प्रकाश दुबे ने अपने पदीय कर्तव्य से हट कर पीड़ित परिजनों को तीन माह के बाद भी प्राथमिकी रिपोर्ट का एक टुकड़ा तक आज पर्यन्त परिजनों को नहीं दिया है। जिससे साफ खुलासा नहीं हो पा रहा है कि घटना में वास्तविक तथ्य में क्या अधिरोपित है। वहीं अनूसूचित जाति जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम 1989 के तहत अनुभाग पुलिस प्रशासनिक अधिकारी स्तर के किस अधिकारी द्वारा यह बेहद संवेदनशील मामले में जांच व कार्यवाही किया गया। अमूमन कोई बताने की स्थिति में नहीं हैं।

सूत्रों की मानें तो, इस घटना की जानकारी मिलते ही गोंडवाना गणतंत्र पार्टी के राष्ट्रीय महामंत्री डॉ एल एस एस उदय सिंह ने अपने पार्टी कार्यकर्ताओं सहित पीड़िता के गांव पहुंचकर उसके माता पिता तथा खाट पड़ी पीड़ित युवती से बातचीत कर घटना की जायजा लिया। वहीं युवती की माता तथा सौतेला पिता मनीलाल से बात चीत किया। जिनसे पुलिस में लिखाई रिपोर्ट संबंधी कागजात दिखाने को बोले तो पीड़ित युवती के मां ने कहा एक टुकड़ा तक कोई कागज नहीं दिए हैं। वहीं उनका यह भी कहना था कि पोड़ी बचरा के दरोगा साहब बार बार समझौता के लिए फोन करते हैं। इस घटना की गंभीरता तथा वास्तविकता को जानने के स्थानीय पार्टी के राष्ट्रीय तथा प्रदेश अध्यक्ष सहित स्थानीय जिला तथा ब्लॉक अध्यक्ष को इस संवेदन शील घटना को लेकर बातचीत किया है। पार्टी राष्ट्रीय महामंत्री डॉ उदय सिंह ने कहा है, कि कानूनी तौर पर किसी अपराध में अमीरी और गरीबी नहीं देखना चाहिए। घटना से दुष्कर्म के शिकार यह गरीब आदिवासी समुदाय की है, लिहाजा यह रेयर मामले में पुलिस द्वारा यदि क्रीमनल के साथ पुलिस यदि समझौता के लिए पीड़िता से दबाव डाला जा रहा है तो इस घटना की हमारी पार्टी कड़ी निंदा करती है। और समय रहते दुष्कर्म के शिकार आदिवासी युवती की प्रशासन द्वारा ईलाज नहीं कराई जाती। तथा आदिवासी विकास विभाग द्वारा आकस्मिता योजना का लाभ विधिवत नहीं दिया जाता और पीड़िता की मौत हो जाती है तो जिम्मेदार प्रशासन होगी, उक्त बातें गोंडवाना गणतंत्र पार्टी के राष्ट्रीय महामंत्री डॉ उदय ने कहा है कि इस दिशा में प्रशासन द्वारा ईलाज संबंधी कदम नहीं उठाने पर हमारी पार्टी आदिवासी युवती को न्याय दो जन आंदोलन के लिए विवश होगी। तथा संबंधित पुलिस द्वारा गैंग रैप के आरोपियों को बचाने के लिए पीड़ितों को समझौता के लिए दबाव बनाने वालों पर कड़ी कार्यवाही की मांग किया है।