चांदनी विहारपुर इलाका मे हाथियों का तांडव, तीन गांव के दर्जनो घरों को तोड़ा, रात भर लोगों की जान शासत में गुजरा- दहशत।

    (मुकेश आयाम ब्यूरो चीफ चांदनी बिहारपुर)

सूरजपुर,गोंडवाना छत्तीसगढ उदय न्यूज ग्रुप इंडिया 16दिसंबर 2022, जानकारी की मानें तो जिले के दूरस्थ क्षेत्र चांदनी बिहार पुर क्षेत्र में लगातार हाथियों का आतंक जारी है, हाथियों के आतंक से ग्रामीण हो रहे हैं घर से बेघर। आपको बता दें, कि 8 हाथियों के दल ने 3 गांव में 7 घरों पर बोला धावा घरों को तोड़कर रखा हुआ अनाज को खाकर सफाचट कर दिये, हाथियों के आतंक से ग्रामीणों को नहीं मिल रही है राहत। लगातार क्षेत्र मैं हाथियों का आतंक बढ़ता जा रहा है, ग्रामीण हाथियों की दहशत से है परेशान, विभाग के द्वारा नहीं थम पा रहा है,हाथियों का आतंक विभाग के टीम द्वारा लगातार हाथियों का आतंक को रोकने में लगी है, पर हाथियों को रोकने में विभाग काम नहीं कर पा रही है।  हाथियों का आतंक को रोकने में विभाग हुआ नाकाम है। ग्रामीण हुए हाथियों के आतंक से परेशान हैं। आपको बता दें कि क्षेत्र में पिछले कई सालों से हाथियों का आतंक बढ़ता जा रहा है। हाथियों का आतंक थमने का नाम नहीं ले रहा है। फिलहाल हाथियों के आतंक से ग्रामीणों को नहीं मिल रही है कोई राहत अलग-अलग दल में बटे हाथियों ने ग्रामीणों की खेती बाड़ी एवं घरों पर कहर ढा रहे हैं। बीती रात चांदनी क्षेत्र के खैरा नावाडीहा चोँगा परसा सहीत कई गांव में 8 हाथियों के दल ने धावा बोला। मिली जानकारी के अनुसार परसा निवासी ह्रदय लाल बैस के पक्के मकान को तोड़कर घर में रखा हुआ अनाज महुआ धान पान खाकर चट कर गए घर के परिजनों ने किसी तरह भागकर अपनी जान बचाएं वही समीप रामसुंदर पंडो हीरा सिंह का झोपड़ी पर हाथियों का कहर बरसाते हुए जमकर उत्पात मचाया इसके बाद हाथी कछिया गांव पहुंचकर रामेश्वर के घर को निशाना बनाते हुए रखा अनाज को चट कर गए इसी तरह खैरा गांव के दो ग्रामीणों के घरों पर हाथियों का कहर देखने को मिला वही इससे पहले हाथियों के आतंक से कई ग्रामीणों का जान भी जा चुकी है जिससे परेशान ग्रामीणों ने कभी करंट लगाकर तो कभी जहर देकर हाथियों को मारने की साजिश रचते रहते हैं। इससे पहले कुछ हाथियों का जान भी जा चुकी है, क्षेत्र के ग्रामीण एवं हाथियों के बीच में भारी कसर देखने को मिल रही है हाथियों ने दिन पर दिन घरों एवं ग्रामीणों के ऊपर निशाना साधती रहती है वही आतंक से परेशान ग्रामीणों ने हाथियों को मरने का निशाना साधते रहते हैं।

अब यह देखना है कि क्या विभाग कुछ नया निर्णय लेती है जिसे ग्रामीणों को हाथियों के आतंक से राहत मिल सके या फिर ग्रामीण को मौत की जंजीर में यूही छोड़ देती है।