गोंडवाना गणतंत्र पार्टी भोपाल स्थित कार्यालय में पार्टी महासचिव के नाम पर दिखाया धौंस, कहा तुम्हारे गोंड समाज में है क्या औकात, मेरे भाई को यहां से निकालोगे तो, गोली चला दूंगा। नहीं जानते मेरे परिवार के लोग हैं, नेता और विधायक, भयभीत पार्टी कार्यकर्त्ताओ ने थाने में जाकर किया रिपोर्ट दर्ज करने की मांग। कार्यवाही न होने पर घेरेंगे पुलिस थाना।
गोंडवाना गणतंत्र पार्टी भोपाल स्थित कार्यालय में पार्टी महासचिव के नाम पर दिखाया धौंस, कहा तुम्हारे गोंड समाज में है क्या औकात, मेरे भाई को यहां से निकालोगे तो, गोली चला दूंगा। नहीं जानते मेरे परिवार के लोग हैं, नेता और विधायक, भयभीत पार्टी कार्यकर्त्ताओ ने थाने में जाकर किया रिपोर्ट दर्ज करने की मांग। कार्यवाही न होने पर घेरेंगे पुलिस थाना।
भोपाल (मप्र) गोंडवाना उदय/GCG NEWS/ 19 मार्च 2022, हिमायती तौर पर मध्यभारत आदिवासी हल्कों में गोंडवाना गणतंत्र पार्टी एक सक्रिय राजनैतिक दल के रुप में सामने है। भले ही एक भी विधायक नहीं हैं, बावजूद भी तीसरी शक्ति के रूप में जिसे इंकार नहीं किया जा सकता। जैसा कि समाज के मुख्य नेतृत्व में 2003 की चुनावी रणनीति से अमरवाड़ा, परसवाड़ा एवं घन्सौर विधान सभा क्षेत्रों से जीत कर आए विधायकों की दौर ने मध्य प्रदेश एवं छत्तीसगढ़ की राजनैतिक गलियारों में एक हलचल पैदा कर दिया था । उसके बाद नेतृत्व की बदलते करवट की धुंध की बादल अब तक नहीं छट पाया है। और समाज की जनभावनाओं और आपसी फासलों का प्रदर्शन से हालात की धुंध बढ़ते जा रही है। जिसकी धुंध से गोंडवाना गणतंत्र पार्टी के दिग्गज नेता मुंह नहीं खोल पा रहे हैं। जगजाहिर तौर पर गोंडवाना के इतिहास के फड़फाड़ाते पन्नों से गोंडवाना राज्य की स्थापना को लेकर गोंडवाना गणतंत्र पार्टी का निर्माण हुआ था।साथ ही साथ भाषा संस्कृति और विरासत को लेकर सता की नये खेल में शामिल राज नैतिक परिवर्तन की लहर जनता की मन में छा गई थी। वहीं चुनावी परिदृश्य में पर्दे के पीछे सांठगांठ की राजनीति साख पर बट्टा लगा दिया। वहीं सबसे बड़ी चोंट आज ऐसे गैर विचारधारा रखने वाले जो पार्टी के भीतर हैं। जो सामा जिक विचारधारा की बात करने पर नजर टेढ़ी कर लेते हैं। जो आज पार्टी के शीर्षस्थ नेतृत्व पर हैं। अलबत्ता आज देश की एक बड़ी मूल आबादी जिनमें राज करने की सपना जो फिलहाल मुशीबत की जाल में फसते जा रहा है।
आज यही सवाल आज समाज के कुछ डबडबाई आँखों के सामने तैर रही है। जैसा कि कुछ साल पहले से बलबीरसिंह तोमर गोंडवाना गणतंत्र पार्टी के शीर्ष नेतृत्व में राष्ट्रीय महासचिव हैं।और जिनके पूरे परिवार जो कांग्रेस-भाजपा के प्रभावशील नेता हैं। वहीं तकलीफ देह सवाल यह है कि जिनके कुटिल चाल अब धीरे-धीरे पार्टी एवं समाज के गले की हड्डी बनते जा रही है।
जानकारी की मानें तो बीते 4-5 सालों से गोंडवाना गणतंत्र पार्टी के भोपाल स्थित पार्टी कार्यालय में पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव बताने वाले बलबीर सिंह तोमर जिनका एक भाई सुनील तोमर भोपाल में रह कर किसी प्रायवेट कंपनी में सुरक्षा गार्ड बताया जाता है। जो बिना किसी लंबे समय से गोंडवाना गणतंत्र पार्टी स्थित भोपाल कार्यालय में रह रहा है। जिसे भोपाल पार्टी कार्यालय के प्रदेश प्रभारी श्री जयकुमार ओड़कड़े कई बार पार्टी कार्यालय से अन्यत्र रहने की सुझाव दिया था। कुल मिलाकर सुनील तोमर ने जाने के लिए 10 दिन का मोहलत मांगा था, लेकिन सुनिल तोमर कहीं गया नहीं।
सूत्रों की मानें तो बीते मार्च माह के प्रथम सप्ताह में गोंडवाना गणतंत्र पार्टी के कार्यकर्ताओं ने प्रदेश पार्टी कार्यालय भोपाल में एक बैठक का आयोजन किया था। जिस दौरान पार्टी कार्यकर्ताओ को सुनील तोमर कहने लगा, कि तुम लोग कौन होते हो मुझे यहां से हटाने वाले ऐसा कहते हुए सुनिल तोमर अपने भाई बलबीर सिंह तोमर को सूचना देकर बुला लिया। वहीं उसका भाई बलबीर सिंह तोमर जो गोंडवाना गणतंत्र पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव है। यहां के पार्टी पदा धिकारियों के मुताबिक बताया गया कि बलबीर सिंह तोमर आधा दर्जन से अधिक संख्या में भोपाल पार्टी कार्यालय में पहुंच कर तमतमाये चेहरों से पार्टी के कार्यकर्ताओ एवं पदाधि कारियों को कहने लगा कि मेरे भाई को यहां से हटाने वाले कौन होता है। यहां तक बैठक में उपस्थित महिला पार्टी कार्यकर्त्ता एवं पदाधिकारियों के साथ अभद्र व्यवहार करते हुए कहा कि मै बलबीरसिह तोमर हूँ, गोंडो का क्या औकात है ? तुम्हारे बड़े नेता मेरे कब्जे में हैं। तुम सबको गोली से मार दूंगा। नहीं जानते मेरे परिवार के लोग विधायक और बड़े नेता हैं। मेरा कुछ नहीं कर पाओगे। इस शर्मनाक घटना से सहमे पार्टी के कार्यकर्त्ता 15 मार्च 2022 को भोपाल स्थित आजाक प्रकोष्ठ थाना में जाकर अनुसूचित जाति जनजाति अत्याचार निवारण 1989 के तहत मामला दर्ज करने की मांग को लेकर प्रार्थी जय कुमार ओरकड़े की ओर से लिखित शिकायत किया है। जिस घटना के गवाह के रुप में पार्टी के कार्यकर्ता दिलीप मीणा, राजू,सन्तोष, गिरजाबाई धुर्वो, नरेंद्र, कमलेश, रोहित धुर्वे, लोकेश ध्रुव, नरेश ध्रुव,नरेश मरकाम, रमेश मालवीय तथा रवि प्रमुख हैं। समाचार लिखे जाने तक फिलहाल सबंधित पुलिस मामले की प्राथमिकी रिपोर्ट अभी तक दर्ज नहीं कर पायी है। इस घटना को लेकर पार्टी कार्यकर्त्ता एवं पदाधिकारियों में वेहद आक्रोश है। पार्टी के सूत्रों ने न्यूज को बताया है कि शीघ्र कार्यवाही नहीं किया गया। तो सबंधित थाना का घेराव करेंगे।