आदिवासी विकास परिषद के अध्यक्ष इंजी संतराम नेताम ने सरस्वती गोंड को बिलासपुर में दबंगो द्वारा एक से कुचलने की घटना से हुए मुखर, सामाजिक न्याय को लेकर समाज के नेताओं से मिलने की सिलसिला जारी।
आदिवासी विकास परिषद के अध्यक्ष इंजी संतराम नेताम ने सरस्वती गोंड को बिलासपुर में दबंगो द्वारा एक से कुचलने की घटना से हुए मुखर, सामाजिक न्याय को लेकर समाज के नेताओं से मिलने की सिलसिला जारी।
बिलासपुर छत्तीसगढ़/ 12 मार्च 2022, अखिल भारतीय आदिवासी विकास परिषद के अध्यक्ष एवं वरिष्ठ समाज के पदाधिकारी इंजी संतकुमार नेताम जिन्होंने शोसल मीडिया में गोंडवाना छत्तीसगढ़ न्यूज को अपनी ओर से एक विज्ञप्ति जारी कर समाज में एक सवाल खड़ा कर दिया है, जिनके कहे सच से इंकार नहीं किया जा सकता है। उन्होंने कहा है कि प्रदेश सरकार में बहुतायत संख्या में गोंड जनजाति वर्ग के मंत्री विधायक तो बने हैं। विडंबना है कि समाज के उपर जब दमनकारी नीतिगत हमला होता है। गंभीर और संजीदा मामला तो यह है कि अपने पार्टी के दलदल में फंसे उन ताकतों के सामने मायूस नजर आते हैं। जिनके सामने संवेदन शील मामलो पर उफ तक नहीं कह सकते।
अखिल भारतीय आदिवासी विकास परिषद के वरिष्ठ नेता जिन्होनें आदिवासी की सवाल आदिवासी होने का प्रमाण को लेकर बीते कई दशकों तक प्रदेश एक जाने माने राजनेता को जाति के जंजाल में फांस कर असली सचाई को लाकर देश की राजनीति में सुर्खियों में रहा है।
समाज के कई संवेदनशील मुद्दा को लेकर आज भी जिनके हृदय में पीड़ा है, उन्होनें व्यक्त करते हुए कहा है, कि प्रदेश के भीतर भोले भाले आदिवासी तबके जिनके साथ जो अन्याय हो रहा है, इस अन्याय का जिम्मेदार सतारुढ सरकार है।उन्होनें कहा कि बिलासपुर के मूलवासिंदे गोंड आदिवासी जिनके पूर्वजों राज जाने के बाद यह समाज को आज गुनाहों का सामना करना पड़ रहा है। जैसा कि बीते दिनों एक गोंड आदिवासी मजदूर श्रीमती सरस्वती गोंड जिन्हें दबंगों ने सरे राह कुचल कर मार डाला ।आज पर्यन्त मुवावजा तो दूर, कार्यवाही तक नहीं हुआ। इस घटना में जिन्हें सामाजिक न्याय की दिलाने के लिए इंजी नेताम ने बीते 6 मार्च को छत्तीसगढ़ शासन के मंत्री प्रेमसाय टेकाम के बिलासपुर आगमन पर घटना की मार्मिकता को दर्शाते हुए मुवावजा की मांग रखा तथा एक घायल परिजन को वेहतर चिकित्सा सेवा देने की बात इंजी नेताम नेे कहा। सूत्रों की मानें तो मंत्री के कान में यह घटना की जानकारी असमंजस से कम नहीं।इस अवसर पर अ,भा,आदिवासी विकास परिषद छत्तीसगढ़ के प्रदेश अध्यक्ष इन्जीनियर संत कुमार नेताम ने कार से कुचलकर मारी गई आदिवासी मजदूर महिला सरस्वती गोंड़ के परिवार को मुआवजा और शासकीय नौकरी देने के लिए ज्ञापन सौंपा । और माँग किया कि परिवार को 50 लाख रुपए की मुआवजा राशि शासन दें,परिवार के एक व्यक्ति को शासकीय नौकरी दें। गम्भीर घायल बेटा को शासकीय नौकर दे। वहीं जिन्होनें कहा है कि छत्तीसगढ़ के महामहिम राज्यपाल अनुसुइया उइके जी की न्याय धानी बिलासपुर शहर में आगमन होगा।तो मेरा प्रयास होगा कि चूँकि उइके जी आरक्षित वर्ग के गोंड़ आदिवासी समुदाय से हैं। चूंकि आदिवासी होने के कारण आदिवासी बाहुल्य राज्य में राज्यपाल है। इंजी संतराम नेताम ने खेद जताया कि उनके प्रोटोकाल में यह कार्यक्रम नही है,कि आदिवासी,आदिवासी समाज,आदिवासी संस्था या आदिवासी प्रतिनिधिमंडल और गोंड़ समाज से भेंट मुलाकात कर भेंट कार्यक्रम होता तो आदिवासी वर्ग जरुर मिलते और ज्ञापन सौंपते, और चर्चा करते। परंतु यह विडम्बना ही है कि समाज से नही मिलते।