कोरिया जिले के खड़गवां जनपद मुख्यालय में गोंडवाना साम्राज्य के राजा शंकरशाह रघुनाथ शाह का बलिदान दिवस में स्थानीय विधायक डॉ जायसवाल ने भवन निर्माण के लिए 30 लाख रुपये का किया घोषणा

(इंजी आदित्यकुमार उदय)

खड़गवां कोरिया छत्तीसगढ़/GCG NEWS/19 सितंबर 2021 जैसा कि इतिहास के पन्नों के अनुसार 18 सितंबर 1857 को मध्यभारत के तात्कालिन गोंडवाना साम्राज्य के राजा शंकरशाह रघुनाथ शाह मराबी राजवंश के राजा थे। जिनके याद में कोरिया जिले के गोंड रचनात्मक सेवा समिति व सर्व आदिवासी समाज की ओर से जिनका 164 वां बलिदान दिवस का आयोजन किया गया था।जैसा कि गोंडवाना साम्राज्य के महान क्रांति बीर राजा शंकरशाह और रघुनाथ शाह दोनो पिता पुत्र थे। इस अवसर पर आतिथ्य के रुप में अपने आसन्दी से बोलते हुए गोंडवाना गणतंत्र पार्टी के राष्ट्रीय महामंत्री डॉ एल एस उदय ने कहा कि आज जो व्यक्ति अपना इतिहास नहीं जनता, वह व्यक्ति अपना सिर झुका लेता है।वही स्थिति कमोवेश आज समाज का है। इसलिये अपने इतिहास को जानने की जरुरत है। साफ है कि गोंड राजवंश के लोग यहाँ के मूल निवासी हैं। *इतिहास गवाह है कि ईश्वी सन पूर्व 160 से लेकर 1751 तक अर्थात लगातार 1700 वर्षों तक गोंड राजवंश पूर्वजों का यहां पर राज चलता था। महज दुर्भाग्य है कि जिनका विश्व इतिहास में कोई मिशाल नहीं है, न ही किसी पाठ्य पुस्तकों व स्कूलों में पढाया जाता है। जबकि भोपाल से छोटा नागपुर, सरगुजा से चांदागढ तक गोंडवाना साम्राज्य था। संग्रामशाह, दुर्गावती, हृदयशाह, शंकरशाह रघुनाथ शाह जैसे राजाओं का कीर्ति चारों ओर फैला था,आज पग पग पर गोंडों की सभ्यता एवं संस्कृति बिखरी पड़ी है। जिनका गौरवपूर्ण इतिहास है।जिनका सामाजिक एवं सांस्कृतिक जीवन है। जिनका भाषा और बोली है, जिस पर हमें गर्व है। पर इसे कौन अपनों को समझायेगा। जैसा कि अग्रेजों के हुकूमत के खिलाफ 1857 में आजादी की प्रथम लडाई के समय गोंडवाना साम्राज्य के गढ़ाराज्य स्थित जबलपुर के अंतिम शासक राजा शंकर शाह, रघुनाथशाह जिन्होनें अग्रेजों के खिलाफ एक होने के लिये सिर्फ एक पत्र लिखने का कसूर अग्रेजों ने ठहराया था। जिससे खौप होकर अग्रेजों ने 18 सितंबर 1857 को जबलपुर रेल्वे स्टेशन के समीप एल्विन हॉस्पिटल के सामने तोप के मोहाने बांधकर चिथड़े चिथड़े उड़ा दिया। दुर्भाग्य है कि ऐसे महान आजादी के क्रांति वीरों का आज भारत के इतिहास में कहीं नाम तक नहीं है। इसलिये हमें अपने क्रांतिकारी वीर सपूतो की इतिहास को लिखना होगा। वहीं इस कार्यक्रम में क्षेत्रीय विधायक डॉ  विनय जायसवाल  जिन्होंने गोंडवाना साम्राज्य के राजा शंकरशाह रघुनाथशाह के बलिदान दिवस के अवसर पर दोनो शहीद पिता पुत्रों पुष्पाजंली अर्पित कर अपने आसन्दी से कहा कि गोंड राज वंश पूर्वजो का देश के भीतर एक पहचान था।जिन्होनें लंबे अंतरालो तक देश के मध्य भू भाग में राज्य किया था। कोई अतिशयोंक्ति नहीँ। विधायक डॉ जायसवाल ने मूल निवासी आदिवासी समाज के नाम पर अपने कोष से 30 लाख रुपये का भवन निर्माण के लिए राशि अर्जित करने की बात कही और इसकी शीघ्र निर्माण की कार्य संचालन घोषणा किया ।इस बलिदान दिवस में मुख्य अतिथि के रूप रेणुकासिंह, विशिष्ट अतिथि डॉ विनय जायसवाल,पूर्व  विधायक चंपा देवी पावले,पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष कलावती मरकाम,गोंडवाना गणतंत्र पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव डॉ एल एस उदय, दादा शंकरसिंह उइके, अधिवक्ता सूर्य प्रकाश उइके सहित सर्व आदिवासी समाज के अध्यक्ष,संयोजक सरोधंन सिंह मराबी, ब्रम्हासिंह मराबी भागीरथीसिंह, सर्वजीतसिंह सूरज लाल सिंह मरकाम, अधिवम राम प्रसाद सान्दिल्य, भागवत सिंह मराबी,  ज्वाला प्रसाद आयाम, जलंधर मरकाम , अधिवक्ता लव सिंह उदय सहित सैकड़ो लोग थे।