अंबिकापुर में आज गोंडवाना स्टूडेंट यूनियन GSU के तत्वाधान में आदिवासी एवं अन्य दुर्बल वर्गो के छात्र छात्राओं को समय पर छात्रवृत्ति न मिलने की समस्याओं को लेकर संभाग आयुक्त सरगुजा का होगी घेराव।

(सी पी मरावी ब्यूरो चीफ संभाग सरगुजा)

अंबिकापुर (सरगुजा) छत्तीसगढ (मध्य गोंडवाना प्रक्षेत्र) 8 सितंबर 2023, मध्य भारत का एक बड़ा आबादी आदिवासी समुदाय का है। जिसमें छत्तीसगढ राज्य के उत्तरी सरहदी सरगुजा संभाग भी शामिल है। जहां 75 साल की आजादी के बाद भी शिक्षा का अधिकार कानून लागू होने पर शिक्षा तो मिल रही है। पर अनूसूचित जनजाति तथा अन्य दुर्बल वर्गो के लिए बनी आश्रम एवं छात्रवासों में संकट बरकरार है। दरअसल इन वर्गों के लिए सरकारी सुविधाएं हाथी के दांतों की तरह ही है। जमीनी सच्चाई कुछ और है आज इन इलाकों में आदिवासियों की जन कल्याण योजनाओं में नेता मंत्री अफसर नजर टेढ़ी कर लेते हैं। जिससे सबसे ज्यादा चोंट आदिवासी तथा कमजोर वर्गों को पड़ रही है। अलबता आदिवासी समुदाय के छात्र छात्राओं के साथ यहां के नेता अफसर दो मुंहे सांप जैसे खेल खेल रहे हैं। जबकि भारत के संविधान के अनुच्छेद में सौपे गए कर्तव्य अनूसूचित जाति जनजाति तथा दुर्बल वर्गो के शिक्षा और अर्थ संबंधी हितों की अभिवृद्धि के लिए संविधान की अनुच्छेद 244 एवं अनुच्छेद 275 (1) में विहित दायित्वों का निर्वहन एवं अनुच्छेद 164 के तहत विहित प्रावधान निहित है।

जिसके तहत आदिवासियों और अन्य दुर्बल वर्गो के छात्र छात्राओं को के लिए आश्रम छात्रावास निर्माण कर सुविधाएं प्रदत कर शिक्षा का समुचित व्यवस्था करना विभाग का नैतिक दायित्व है।

गोंडवाना स्टूडेंट्स यूनियन के प्रदेश उपाध्यक्ष एवं आयोजित आंदोलन के नेतृत्व कर्ता जितेन्द्र रावेन श्याम ने गोंडवाना उदय न्यूज ग्रुप से एक अनौपचारिक बातचीत तथा प्रशासन को प्रेषित जानकारी में कहा है कि 20 दिन पूर्व हम प्रशासन को एक ध्यानाकर्षण सूचना पत्र में आदिम जाति कल्याण विभाग द्वारा संचालित आश्रमों तथा छात्रावासों में रहकर पढ़ रहे जन जाति वर्गों के विद्यार्थियों के लिए शासन द्वारा मिलने वाली आर्थिक सहायता राशि समय समय पर न मिलने से संकटों का सामना करना पड़ता है। वहीं इन क्षेत्रों में आदिवासी समुदाय के छात्र छात्राओं के लिए सीट में कटौती सबसे बड़ी चुनौती है, लिहाजा गांवों से शहर में पढ़ने वाले बच्चों को छात्रावास न मिलने पर प्रायवेट किराए के मकानों में रहना पड़ता है जो गंभीर समस्या है। इसलिए गोंडवाना स्टूडेंट यूनियन प्रशासन का ध्यान केंद्रित कराने के लिए हम जनांदोलन करना लोकहित में हमारा नैतिक जिम्मेदारी है। अपितु हम अंबिकापुर स्थित संभागायुक्त कार्यालय का घेराव सांकेतिक रूप से करेगें।