खड़गवां थाना के क्षेत्रांतर्गत ग्राम पैनारी में एक बाहरी संदिग्ध आदिवासी व्यक्ति द्वारा पंडो आदिवासी युवती के साथ कथित दुष्कर्म के मामले में गया जेल। आरोपी आदिवासी अत्याचार अधिनियम कानून से बचने के लिए अपने को बताया गोंड आदिवासी, गोंडवाना करेगी जनांदोलन।

गोंडवाना उदय न्यूज ग्रुप 

खड़गवां 5 अप्रैल 2023, एम सी बी, कुछ वर्षों से बीहड़ ग्रामीण इलाकों में बाहर से आकर बसे कुछ ऐसे गैर तबके के लोगों द्वारा भोले भाले आदिवासी समाज के युवतियों को अपने मायाजाल में फांस कर पत्नी के रुप में रखने का सिलसिला तेजी पर है। जिससे उनके प्रतिबंधित भूमि जैसे अचल संपत्ति रखैल पत्नी जो आदिवासी समुदाय की लेप होता है। नतीजतन पिता की पैतृक संपत्ति को आदिवासी समाज की बेटी जिसे पत्नी के नाम पर रखकर गैर वर्ग का व्यक्ति जो मौज मस्ती करता है। फिलहाल आज आदिवासी समुदाय के लिए एक बडी चुनौति है। वहीं भोले भाले आदिवासी के नाबालिक  अपरिपक्व युवतियों के भावनाओ के साथ खेलते हैं। जब कोई मामले दर्ज हो जाता है, तो एक ओर आदिवासी युवती समाज से वहिष्कृत हो जाते हैं। दूसरी ओर जो पराए जैसे जिंदगी काटते हैं। जिसका नाजायज फायदे गैर वर्गों के द्वारा उठाया जाता है। जो आदिवासी समुदाय के साथ एक बड़ी गंभीर समस्या है। ऐसे ही एक घटना  खड़गवां तहसील के अंतर्गत ग्राम पंचायत पैनारी में हुआ है, जानकारी की मानें तो एक पण्डो आदिवासी युवती द्वारा बीते 4 अप्रैल 2023 को खड़गवां थाना में आकर एक रिपोर्ट दर्ज कराई है जिसमें ग्राम महादेव पाली के पण्डोपारा निवासी सतेंद्र सिंह जिनके पूर्वज बनारस से हैं बताते हैं, जो पहले शराब भट्ठी कटकोना से पंडोपारा महादेव पाली में आके बस गए, जिसके द्वारा पांच साल पहले एक भोले भाले पण्डो आदिवासी नाबालिक युवती से शादी करने की झांसा देकर लगातार दुष्कर्म करता रहा, जब 2019 में उसके कोख से एक बच्ची पैदा हुई तो रखने से इंकार कर दिया। फिलहाल युवती की रिपोर्ट पर पुलिस आरोपी को तत्परता दिखाते हुए जेल भेज दिया है।

इसी दौरान खड़गवां में गोंडवाना गणतंत्र पार्टी के राष्ट्रीय महामंत्री डॉ एल एस उदय सिंह से पीड़िता ने मिली और अपने साथ हुई घटना की जानकारी देते हुए बताई, कि महादेव पाली का रहने वाला सत्येंद्र सिंह जिसके पिता जो पहले झीमर कालरी में नौकरी करते थे, और वहां से महादेव पाली में आकर बस गए हैं, मेरे को झांसा दिया कि मैं पण्डो आदिवासी हूं, तुमसे प्रेम करता हूं, शादी करूंगा, और करीब सात साल पहले मुझे अपने ट्रैक्टर मे काम करने के बहाने बुलाता था, और यह जानते हुए कि मैं पण्डो आदिवासी समुदाय की हूं। मुझसे जबरन संबंध बना लिया और दुष्कर्म करता रहा, जिसके दुष्कर्म जैसे घटना से एक बच्ची पैदा हुई तब से मुझे कहने लगा कि तुम नीच पण्डो आदिवासी हो, हम आदिवासी नहीं हैं, ऊंची जाति के हैं। हमारा परिवार का संबंध भी अलग है, नहीं रखूंगा तब से अपने मायके में रहती हूं। ऐसे ही महादेव पाली की गोंड आदिवासी समाज की एक नाबालिक लड़की को दुष्कर्म कर रखा है, जिसके तरफ का भी एक बच्चा है,तब से अपने को गोंड आदिवासी समाज का बता रहा है। और जबरन दबंगई कर आदिवासियों की भूमि को कब्जा कर मकान घर बना लिया है। और पण्डो आदिवासियों की भूमि को हड़पने की जानकारी है। जिसके संबंध में स्थानीय महादेव पाली के तीरथसिंह उईके सहित कई अन्य लोगों ने सत्ययेंद्र सिंह की जाति पर सवाल उठाते हुए जांच की मांग किया है। तथा सूत्रों की मानें तो खड़गवां तहसील से उसके द्वारा बनवाई गई जाति संबंधी जानकारी स्थानीय ग्रामीणों ने आरटीआई के तहत मांग किया है। वहीं उसके पिता जो मूल रूप से बनारस उतर प्रदेश का होना बताया जाता है। फिलहाल दुष्कर्म जैसे मामले में आरोपी अपने को गोंड आदिवासी बताने पर अनूसूचित जाति जन जाति अत्याचार अधिनियम 1989 से वंचित रखा है। बहरहाल थाना खड़गवां मे अपराध क्रमांक 0126 के तहत भादस 1860 की धारा 376 (2)N के तहत मामला पंजीबद्ध कर लिया गया है। जिसे जेल भेज दिया गया है। अमूमन विशेष पण्डो अनूसूचित जनजाति वर्ग की महिला सदस्य के साथ दुष्कर्म जैसे गंभीर मामले पर एस टी एस सी धारा न लगने पर गोंडवाना गणतंत्र पार्टी शीघ्र एक आपात बैठक बुला कर संदिग्ध गोंड आदिवासी व्यक्ति द्वारा आदिवासी वर्ग बनने पर पार्टी आपत्ति जताई है। आरोपी के खिलाफ अनूसचित  जनजाति कानून के तहत कार्यवाही कराने की मांग को लेकर तत्काल एक जन सभा बुलाएगी। और प्रशासन का ध्यनाकर्षण कराने को लेकर शीघ्र जनांदोलन करेगी।