सूत्रो की मुताबिक जिले के रामानुजगंज वन परिक्षेत्र में शिकारियों द्वारा अवैध तरीके से लगातार वन्यजीवों को निशाना बना रहे हैं। जंगलों में शिकारियों की हरकत से जान बचाकर गांव की ओर भागने वाले वन्य जीवों जैसे दुर्लभ प्रजाति का हिरण को कुतो के द्वारा भी नुकसान
पहुंचाये जाने की जानकारी मिली है। वहीं इस दिशा में विभाग के साथ नागरिकों को भी करना चाहिए। पर विडंबना है कि ऐसे वन्यजीवों का संरक्षण न होने पर जिनका जीवन आफत में फंस गया है। वहीं वन विभाग के सबंधित वन परिक्षेत्र सहायक कार्यालयों के द्वारा भी इस प्रकार की घटना पर कठोर कार्यवाही न होने से शिकारियों का हौसला बुलंद है। गौरतलब है कि फोरेस्ट रेंज रामानुजगंज अंतर्गत राष्ट्रीय राजमार्ग क्रमांक 343 के किनारे रामानुजगंज से सटे इलाका आरागाही के बीच चोरप्रहरी के आसपास अचानक से घायल वन्यजीवों को देखने को मिल जाताा है। कुछ दिन पहले इस मार्ग में एक हिरण को घायल करने का मामला सामने आया था। वन्य प्राणियों की संरक्षण जरूरी है चाहे यह वन विभाग हो या आम नागरिक सबका जिम्मेदारियां होनी चाहिये। क्षेत्र में लगातार वन्यजीवों कि संख्या तेजी से कम हो रही है, पूर्व के वर्षों में सड़क दूर्घटना में सैंकड़ों हिरण कि मौत हो चुकी है,परंतु अब क्षेत्र में सड़क दूर्घटना में वन्य प्राणियों के घायल या मौतें कम हुई है। वन्य प्राणियों को बचाना जरूरी है। वनविभाग के साथ ही यह आम नागरिकों कि जिम्मेदारी भी है,कि वन्य प्राणियों का संरक्षण किया जा सके।वन विभाग से जानकारी के अनुसार रामानुजगंज फोरेस्ट रेंज के रामानुजगंज से आरागाही तक राष्ट्रीय राजमार्ग 343 के किनारे वनविभाग के क्षेत्र में आता है।जहां पिछले कुछ सालों से जंगल बनाने एवं पर्यटकों के लिए सुविधाएं बढ़ाने जैसे काम करने का प्रोजेक्ट है,जो जल्द ही पूरा भी हो सकता है।