मनेंद्रगढ़ एमसीबी छत्तीसगढ़, GCG NEWS, 2 नवंबर 2023, यूं तो छत्तीसगढ़ राज्य के विधान सभा चुनाव में गोंडवाना गणतंत्र पार्टी की ओर से पहली बार एक मुस्लिम समुदाय का प्रत्याशी को पार्टी द्वारा विधान सभा क्षेत्र क्रमांक 2 मनेंद्रगढ़ से उतारा है। अमूमन क्षेत्र के गोंड आदिवासी समुदाय बाहुल्य इलाकों में अपनी रीति रिवाज से जुड़े टोटम को ज्यादा महत्व देते हैं। समाज के कोई महिला किसी गैर जाति समुदाय में चली जाती है तो उसकी जीती मरती खा लेते हैं। मरने पर कंधा देना तो दूर छूते तक नहीं हैं। हालिया दौर में यह समाज सबसे ज्यादा अपने रीति रिवाजों तथा टोटम को मानते हैं। गोंडवाना एक भौगोलिक शब्द है सब जानते हैं पर गांव के अधिकांश गोंड आदिवासी आज भी अशिक्षा के शिकार हैं। जो अपने गोटूल से जुड़े समुदाय को प्राथमिकता देते हैं। सच मानें तो हमारे प्रेस प्रतिनिधियों ने गोंड जनजाति बसाहटो के कुछ उन परिवारों से मुलाकात किए जो आज भी अपने रीति रिवाजों को प्राथमिकता देते हैं। अलबता ग्रामीण हलकों में आदि काल से बसे गोंड आदिवासी समुदाय के कुछ लोगों से विधान सभा चुनाव में गोंडवाना गणतंत्र पार्टी की ओर से खड़े प्रत्याशी के बारे में हुई बातचीत से एक चौकाने वाले तथ्य सामने आया है। लोगों का साफ साफ कहना है कि गोंडवाना में हम अपने समाज के मुखिया का नेतृत्व चाहते हैं। गैर वर्गों का नहीं, यदि ऐसा ही है तो कांग्रेस भाजपा हमारा कुछ नहीं बिगाड़ा है। गोंडवाना गणतंत्र पार्टी समाज के बदौलत जिंदा है, यदि अपने स्वार्थ के लिए समाज को चोट पहुंचाया तो बर्दाश्त नहीं करेगें। हम समाज की ओर से अपने अधिकार के लिए लगातार संघर्ष करते आ रहे हैं। गोंडवाना की राजनीति में पहले नारा लगता था कि जितना जिसका संख्या भारी, उतना उसका हिस्सेदारी, आज आखिर कहां गया। जहां जिनका कोई योगदान नहीं, उनको गोंडवाना के सिर का ताज नहीं बना सकते। यदि ऐसा होते रहेगा तो गोंड समाज गोंडवाना गणतंत्र पार्टी का तख्त पलट सकता है। जिस पार्टी में समाज का कोई नेतृत्व न मिले कोई महत्व नहीं। इस प्रकार की बयान बाजी लगातार लोगों के मुंह से सुनने को मिल रहा है। अब देखना है कि आने वाले चुनावी मैदान में कौन कितना मत हासिल करता है। ज अभी भविष्य के गर्व में है।