खड़गवां में संदिग्ध हालात में फांसी पर लटकी एक आदिवासी युवती की शव को पंचनामा जांच के बिना पुलिस ने जमीन में लेटा दिया, दूसरे दिन हुआ पंचनामा, गोंडवाना ने घटना की निष्पक्ष जांच की किया मांग।

                 (विशेष संवाददाता द्वारा)

खड़गवां एमसीबी छत्तीसगढ़, गोंडवाना उदय न्यूज ग्रुप, 30 सितंबर 2023, सू़त्रों की मानें तो, खड़गवां थाने से महज 400 मीटर की दूरी पर कालेज मार्ग में स्थित एक आदिवासी युवती जिसके मकान में ही उसकी शव फांसी से लटकने जैसे सनसनी खेज मौत की खबर प्रकाश में आया है। जानकारी की मानें तो गुरुवार की रात 28 सितंबर 2023 को मृतिका के परिजनों के मुताबिक कहा गया कि उसके पास ऐसा कोई विशेष दिक्कत नहीं था की वह फांसी पर लटक जायेगी। जैसा कि महज खड़गवां थाने से 400 मीटर की दूरी पर कालेज मार्ग में स्थित एक आदिवासी युवती जगमानियां 32 वर्षीया जो जिसका खुद के मकान में ही उसकी शव फांसी मे लटकने जैसे सनसनी खेज मौत की खबर प्रकाश में आया है। जिससे पूरे लोग स्तब्ध हैं। जिसका वैसे तो किसी से खास दुश्मनी नहीं था। अलबता एक शिक्षक के साथ न्यायालय में मामला लंबित बताया जाता है। जबकि संबंधित शिक्षक से इस दिशा में पूछे जाने पर कहा गया कि कोर्ट से उक्त मामला का फैसला हो चुका है। बच्चे प्रति माह खर्च देता हूं। अब जगमतिया के बीच हमारा फैसला हो चुका है। घटना के बारे में घटना दिनांक को पूछे जाने पर अनभिज्ञता जताया। कहा की अपने विद्यालय में हूं। वहीं उनके परिजनों ने कथित घटना के बारे में बताया गया कि मृतिका के पास ऐसा कोई गंभीर समस्या या कोई परेशानी नहीं थी, तथा मृतिका के पिता सुखई सिंह ने बताया कि 28 सितंबर गुरूवार को मृतिका पुत्री के बगल में बाड़ी में हल जोताई किया था, तथा मृतिका मेरी बेटी जगमतिया मुझे खाना खाने के लिए बोली।

और बताई कि 10,000 रूपये निकाल कर रखी हूं। आज करमा त्यौहार है, आज मैं पैसा नहीं दूंगी, कल पैसा लेकर घर देने आऊंगी। उसी शाम को उसके मामा जगरनाथ उसके घर गया था तब शराब बना रही थी। तथा अपने मामा जगरनाथ को बताया कि करमा त्यौहार के कारण शराब बना रही हूं। और दो 5 लीटर का जारकिन में रखी थी। उसी रात जगमनिया की संदिग्ध परिस्थितियों में फांसी पर लटकी पाई जाने जैसे कई संगीन सवाल खड़ा कर दिया है। आसपास पड़ोसी से लेकर घर परिवार के लोग साफ साफ बता रहे हैं कि मृतिका जगमनिया द्वारा खुद फांसी पर नहीं लटकी होगी। अकेले किनारे रहती थी किसी अज्ञात लोगों द्वारा शराब पीने के बाद किसी बात को लेकर मारपीट कर लटका दिए होगें। क्योंकि फांसी के फंदे पर लटकी मृतिका जगमनिया के शरीर का ऊपरी हिस्सा सलवार कुर्ती पूरी तरह से चिथड़े चिथड़े फट गई थी। उपरी हिस्सा पूरी तरह से अधनंगी दिख रही थी। वहीं दूसरे दिन 29 सितंबर शाम 7 बजे करीब जब स्थानीय पुलिस उप निरीक्षक दोहरे द्वारा फांसी पर लटकी युवती को अंधेले में जब लाइट गोल गया था, आनन फानन में बिना किसी पंचनामा किए बगैर शव को जमीन पर लेटा दिया गया। वहीं अंधेले मोबाईल लाइट से राजकुमार से फांसी के फंदा को छोडवाया गया, राजकुमार का कहना था कि छत के एंगल में चुनरी जिसमें लटकी थी एक दम डीला था। ऐसा लगता था किसी ने जल्दी में बांध कर लटका दिया था।वहीं मृत्तिका का पैर भी जमीन पर छुआ था तथा घुटना भी जमीन पर से हल्का मुड़ा था।

वहीं पोस्ट मार्डम तथा शव दफनाने के बाद मृतिका जगमतिया के घर जाकर बड़ा भाई हंसलाल तथा उसके पिता घटना स्थल घर में खोजबीन शुरू किया तो उसके घर में 10 हजार रूपए जो रखी थी नहीं मिला। 2 प्लास्टिक जर्किन शराब बनाकर रखी थी उसके घर नहीं मिला, केवल 1 खाली जर्किन शराब का गायब था।तथा घर का ताला चाबी, स्कूटी का एक चाबी भी नहीं मिला।
बहरहाल स्थानीय लोगों का मानना है, यह सुनसान स्थान है, लोग आके शराब पीये होंगे और किसी बात को लेकर मारपीट हुआ होगा। और मारकर टांग दिये होगें। जैसा भी हो यह गंभीर खेज जनक मामला है।जैसा भी हो बहरहाल शव विच्छेद हो गया है, मामला की खुलासा की इंतजार किया जा रहा है। परिजनों द्वारा न्याय की आस को लेकर ऊंच पुलिस अधिकारियों को पत्र लिखकर भेजा है। तथा स्थानीय पुलिस की कार्य प्रणाली जो अंधेली रात को एक युवती की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत को बिना पंचनामा उतार देना एक गंभीर सवाल को जन्म देता है। बहरहाल इस घटना को लेकर गोंडवाना गणतंत्र पार्टी के राष्ट्रीय महामंत्री डॉ एल एस उदय सिंह ने इसे गंभीर तथा संवेदन शील बताया है। तथा कहा है कि किसी महिला की संदिग्ध परिस्थितियों में फांसी से मर्ग की घटना में विना पंचनामा के शव के साथ छेड़छाड़ नहीं होना चाहिए।

ऐसे घटना का विरोध करते हैं और आपत्ति जताते हैं। शीघ्र न्यायिक जांच हो। निष्पक्ष जांच न होने पर कभी भी लोकहित को लेकर जनांदोलन किया जा सकता है।