गोंडवाना साम्राज्य के शौर्य पराक्रमी अमर शहीद शंकर शाह, कुंवर रघुनाथ शाह मरावी राजवंश के महान क्रांतिकारियों की शहादत को खड़गवां में समाज प्रमुखों ने किया नमन।
गोंडवाना साम्राज्य के शौर्य पराक्रमी अमर शहीद शंकर शाह, कुंवर रघुनाथ शाह मरावी राजवंश के महान क्रांतिकारियों की शहादत को खड़गवां में समाज प्रमुखों ने किया नमन।
खड़गवां, एमसीबी छत्तीसगढ़, गोंडवाना उदय/GCG न्यूज ग्रुप, 19 सितंबर 2023, जैसा कि जिला स्तर पर गोंड रचनात्मक समाज द्वारा प्रति वर्ष की भांति तत्कालीन मरावी गोंड राजवंश का राजा गढ़ा पुरवा जबलपुर के महान क्रांतिकारी शौर्य और बलिदान के प्रतीक अमर शहीद राजा शंकर शाह कुंवर रघुनाथ शाह का 166 वा शहादत दिवस समारोह आयोजित किया गया था। जिस कार्यक्रम में जिला पंचायत कोरिया के अध्यक्ष दीदी रेणुका सिंह मुख्य अतिथि के रूप शामिल हुऐ। वहीं कार्यक्रम का अध्यक्षता शरण सिंह जिला अध्यक्ष गोंड रचनात्मक समाज समिति सहित कई अन्य गणमान्य अतिथियों ने हिस्सा लिया। तथा महान क्रांतिकारी शंकर शाह और कुंवर रघुनाथ शाह जिनका शौर्य और बलिदान को याद कर उनके छाया चित्रों के सामने दीप प्रज्ज्वलित कर नमन किया। इस अवसर पर
विशिष्ट अतिथि के रुप में शामिल हुऐ गोंडवाना गणतंत्र पार्टी के राष्ट्रीय महामंत्री डॉ एल एस उदय सिंह ने अपने आसंदी से कहा कि इतिहास गवाह है कि हमारा गोंडवाना का अतीत कितना खूब सूरत था, जो आज आपके चेहरों से लगता है कि आपका वर्तमान कैसा है। उन्होंने कहा आप आदिम साम्यवादी मूल्यों की अनमोल विरासत के धनी मूलनिवासी समाज आप लोग भारत का ही नहीं, संपूर्ण दुनियां की विश्व व्यवस्था एवं मानवता की अनुपम देन ही गोंडवाना रहा है। उन्होंने कहा 18 सितंबर 1857 गोंडवाना के अमर शहीद राजा शंकर शाह कुंवर रघुनाथ शाह जिन्होंने अपने खून की बलिदान देकर देश व समाज को विश्व के इतिहास पटल मे शिखर तक पहुंचाया है। जिनके बलिदान को भुलाया नही जा सकता है। वहीं इस देश के इतिहास कारों ने जिनका नाम को देश के इतिहास के पन्नों में दबाया, जिसका हम कड़ी भर्त्सना करते हैं।
इस दौरान डॉ उदय सिंह ने कहा जो व्यक्ति अपना समाज का इतिहास नहीं जानता, उस व्यक्ति का सिर कभी ऊंचा नहीं उठता। जिनका वास्ता झूठे इतिहास से हो गया है। आज जिससे दूसरो के गुलाम हो गए हैं। आज सही मायने में गोंड समाज के लोगों को अपने इतिहास की थोड़ा बहुत जानकारी होता तो मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ क्या दिल्ली के तख्त पर राज होता। वहीं मूल निवासी समाज आज तथा कथित राजनीतिज्ञों ने भारत के मूल निवासियों को बिकाऊ समाज बना दिया है। वहीं इस समाज को बड़ी बेरहमी से कुचला जा रहा है और शासन करने वाली गोंडवाना राजवंश एक जमात बन कर रह गई है। आज गोंडवाना के इन मूलनिवासी समाज को इतना गुलाम और लाचार बना दिया गया। जिससे जिनके आत्म विश्वास की कमी आ गई है। जो लोग अपने सांस्कृतिक जमीर से कट रहे हैं। जिसका सजा आज गोंडवाना के मूलनिवासी समाज को भुगतना पड़ रहा है। वहीं आज हम अपने साहित्य और संस्कृति और भाषा से विमुख होते जा रहे हैं। यदि यह मिट गया तो हम जड़हीन काई की तरह पानी में इधर से उधर तैरते रह जाएंगे। हमारा अस्तित्व मिट जाएगा। आज छोटी छोटी भाषाएं बहुत महत्वपुर्ण होती है। जिस समाज का कोई भाषा मरती है तो इसके साथ साथ उसकी संस्कृति भी मर जाती है। आज हमें अपनी भाषा साहित्य पर ही नहीं, पूरे कला जीवन पद्धति पर गौर करने की आज जरूरत है।
डॉ लक्ष्मण सिंह उदय ने कहा हमारा एक वृहद गोंडवाना का इतिहास है जिसे आप सबको पढ़ने की जरूरत है। उन्होंने आगे कहा कि आज गोंड राजवंश यहां के मूल निवासी हैं। जिन्होंने ईश्वी सन 160 से लेकर 1818 तक के करीब शासन और सता किया। भारत के गौरवपूर्ण इतिहास में गोंडवाना ध्रुव तारा जैसे अटल है। जिन्होंने वर्तमान संस्कृति को जन्म दिया और पल्वित पुस्पित किया। सिंधु घाटी की सभ्यता में आर्यन संस्कृति का कोई अस्तित्व नहीं था। भारत के संविधान में प्रत्येक वर्ग का भाषाएं संस्कृति के अनुरूप राज्यों का पुनर्गठन किया गया। अफसोस है गोंडी भाषा को आठवीं अनुसूची में आज तक दर्ज नहीं किया गया। गोंडवाना की ऐतिहासिक महल किले देव देवालयों को सुरक्षित नहीं रखा गया। वर्तमान मध्य प्रदेश स्वतंत्रता के पहले गोंडवाना राज्य के नाम से भारत के नक्शे में सदैव विद्यमान रहा है। उस समय गोंडवाना की लंबाई छिप्रा से बंगाल की खाड़ी पर्यन्त उत्तर से दक्षिण गोदावारी तक विस्तारित था। जहां आज भी गोंडियन जनता निवास करती हैं। मराई गोंड राज वंशियों का मंडला प्रमुख गढ़ रहा है। देवगढ़ बाद में नागपुर उईके गोंड राज वंश का जिनका वेनगंगा से शिवनाथ नदी तक विस्तारित रहा है। बल्लार शाह आत्राम राजा जिनका 64 गढ़ चांदा गढ़ के अधीन रहा है। इस कार्यक्रम में मुख्य रूप से गोंडवाना गोंडी पब्लिक स्कूल के संस्थापक तकनीकी शिक्षाविद इंजी अधीन सिंह ठाकुर जिन्होंने शिक्षा के क्षेत्र में जो समाज के लिए जिनका योगदान जारी है। जिनका समाज को कहना था आज इस समाज का विछड़ने का वजह शिक्षा है यह एक अनमोल विरासत में है। आप सभी लोगों का मुझे साथ चाहिए। आज हमारे समाज के लोग इस दिशा में वंचित हो रहे हैं जिनकी संवारना हमारा दायित्व है। इस कार्यक्रम में मुख्य रूप से अधिवक्ता सूर्य प्रकाश सिंह उईके, सरोधन सिंह मरावी, दल प्रताप सिंह ग्राम लालपुर, शरण सिंह, सुशीला देवी पूर्व जिला पंचायत सदस्य ग्राम कौड़ीमार, श्रीमती रेणुका सिंह जिला पंचायत अध्यक्ष कोरिया, श्रीमती सोनमती सिंह, जनपद अध्यक्ष जनपद पंचायत खडगवा, श्री मदन सिंह श्याम बरबसपुर, अमोल सिंह मरावी सरपंच अध्यक्ष ब्लॉक महेंद्रगढ़, ब्रह्म सिंह मरावी मंच संचालक, ग्राम मेरो, भागवत सिंह मरावी, सर्वजीत सिंह, सेवा निवृत्त प्रिंसिपल,रामप्रसाद सिंह खडगवां, राम प्रसाद सांडिल्य, युधिष्ठिर सिंह कमरो, विजय कमररो, संतोष कमरों सरपंच चौघडा, महेंद्र सिंह सरपंच लालपुर भवन सिंह सरपंच गोंडवाना गणतंत्र पार्टी ब्लाक अध्यक्ष देवप्रताप कमरों, सहित सैकड़ों लोगों कार्यक्रम में हिस्सा लिया।