कोरबा जिले के पसान स्थित आयोजित एक जनसभा, जहाँ लाखो रुपयों का खर्च कर, अनुसूचित क्षेत्रों के लिए पेशा एक्ट से जुड़े महत्वपूर्ण प्रस्ताव को लेकर आये, लोगों ने एकाएक कार्यक्रम को निरस्त करने की जानकारी मिलने पर, जिनके चेहरे में निराशा की झलक दिखी। वर्चुअल ग्रुप से मिली सुझाव
कोरबा जिले के पसान स्थित आयोजित एक जनसभा, जहाँ लाखो रुपयों का खर्च कर, अनुसूचित क्षेत्रों के लिए पेशा एक्ट से जुड़े महत्वपूर्ण प्रस्ताव को लेकर आये, लोगों ने एकाएक कार्यक्रम को निरस्त करने की जानकारी मिलने पर, जिनके चेहरे में निराशा की झलक दिखी। वर्चुअल ग्रुप से मिली सुझाव
(GCGNEWS)कोरबा, छत्तीसगढ़ सरकारी तंत्र की ओर से कोरबा जिले के पसान स्थित जनजाति बाहुल्य इलाके में इन वर्गों की वेहतरी के महत्वपूर्ण केंद्रीय कानून बना है। यह पेसा एक्ट 1996 जिसे छत्तीसगढ़ राज्य में 2003 में लागू तो कर दी गयी है। पर सही ढंग से परिपालन न होने को लेकर सतारुढ़ कांग्रेस सरकार असमंजस में है। वहीं आदिवासियो की अधिकार से जुड़े यह कानून की विस्तार से चर्चा कर प्रस्ताव को छत्तीसगढ़ में ग्राम सभा के माध्यम से लागू होना है। जहां पर लाखो रुपए खर्च कर एक भी मंत्रियो के न आने पर आदिवासी जन समुदाय में निराशा दिखी। प्रदेश के कई जिलों से इस प्रस्ताव पर चर्चा के लिए लोग आये थे।जिस कार्यक्रम में सर्व आदिवासी समाज के विनोद कुमार नागवंशी द्वारा प्रमुख रूप से आये लोगो को प्रदेश के पंचायत मंत्री टी एस सिंह देव से वर्चुअल ग्रुप में जुड़ कर उनके विचार को सबके सामने रखे। और यह कार्यक्रम को एक सप्ताह के भीतर पुन: रखने का उनके प्रतिनिधियों ने दिलासा दिया। अब देखना तो तय है कि अब यह कार्यक्रम कब होगी।