जबलपुर में स्थित खेरमाई महागोंगों प्रकृति पूजा के अवसर पर राजा शंकर शाह राजवंश के कुंवर प्रशांत सिंह के आतिथ्य में होगी भव्य कलश यात्रा।

राम गोपाल सिंह उईके ब्यूरो चीफ द्वारा 

जबलपुर (मध्य प्रदेश) गोंडवाना उदय न्यूज ग्रुप ऑफ इंडिया,29 मार्च 2023, वैसे तो ऐतिहासिक नगरी जबलपुर गोंडवाना की विश्व इतिहास को समेटे हुए कालांतर से जुड़ा हुआ है। शताब्दी पूर्व जिस भूमि में गोंडवाना साम्राज्य के राजा संग्रामशाह जिन्होंने स्वर्ण मुद्राएं चला कर ईश्वी सन 1280 में दुनियां के सामने धूमकेतु जैसे चमक उठे थे। जिस समय जिनके प्रभाव से देश का एक कोना दब चुका था। समय का तकाजा है कि आज स्थिति विपरीत है। यह गोंडवाना का 52 गढ़ 57 परगना जिसका एक केंद्र बिंदु था। समय के साथ गोंडवाना राज्य का पराभव भी गोंड राजवंश के लोगों को आज भी कुरेदता है। गौरतलब जबलपुर के मदन महल खूबसूरत विश्व विख्यात चमचमाते दर्पण से कम नहीं, लेकिन विडंबना है कि गोंडवाना का सूरज अस्त होते ही यह दर्पण गोंड राजवंश के लोगों के सामने धुंध लाहट से कम नहीं। वहीं राजा शंकर शाह पुत्र रघुनाथ मरावी जिनके साथ जो हुआ सारा गोंडवाना सहम उठा। जिनके तपोभूमि जहां आज भी मां माला देवी, खेरो माई जिनका आस्था और श्रद्धा गोंड राज वंश के साथ जुड़ी है। जिसे लेकर प्रति वर्ष नवरात्रि पर्व में समाज के द्वारा बड़ी श्रद्धा के साथ मनाया जाता है।

आज उसी उपलक्ष्य में बड़ी खेरमाई के महा गोंगो (प्रकृति पूजा) मे लोग सम्मिलित होंगे। गोंड राजपरिवार के राज कुंवर  गोंडवाना चौक मालगोदाम राजा शंकरशाह पुत्र कुंवर रघुनाथ शाह के प्रतिमा स्थल से 9 कन्याओं की कलश शोभायात्रा अखिल गोंडवाना महासभा जबलपुर द्वारा निकाली जायेगी। जिसके शुभारंभ गढ़ मंडला मरावी राजपरिवार गोंडवाना साम्राज्य के राजाओं के वंशज कुंवर प्रशांत सिंह मरावी जो कि वर्तमान में अखिल गोंडवाना महासभा मध्य प्रदेश के प्रदेश उपाध्यक्ष भी हैं, जिनके हाथों से यह कलश शोभा यात्रा प्रारंभ की जाएगी, जो कि बड़ी खेरमाई, बूढ़ी खेरमाई चार खंबा, बड़ादेव साधना केंद्र आधार ताल, गढ़पुरा की माला देवी और बटुक भैरव नाथ बाजना मठ में संपन्न होगी। जिसमें जबलपुर नगर के साथ-साथ अन्य जिलों से भी कोया पुनेम प्रेमी भारी संख्या में लोग उपस्थित होंगे। पूजा पद्धति गोंडवाना साम्राज्य काल के वाद्य यंत्रों जैसे नगाड़े, बाना किकरी के द्वारा प्रति वर्ष के अनुसार इस वर्ष भी होगा। अखिल गोंडवाना महासभा जिलाध्यक्ष ओमप्रकाश मरकाम ने जानकारी दिया और उन्होंने सभी समाज के लोगों से आह्वान किया है कि प्राचीन काल की पूजा पद्धति महा गोगो का आयोजन किया गया है, जिसमें अधिक से अधिक संख्या में पहुंचे ।