कोरिया छत्तीसगढ़ /GCG NEWS/ 26 अप्रैल 2022, सूत्रों की मानें तो, जिला मुख्यालय से महज 2 किलो मीटर की दायरे में अमगांव पंचायत के भीतर झुमका बांध के टापू में मनरेगा की काम में नगर सैनिकों को काम पर लगे की जानकारी पर सवाल उठना लाजिमी है , कि प्रदेश के भीतर हर जिला मुख्यालयों में गृह प्रशासन द्वारा जिला प्रहरी के रूप में नगर सैनिकों की भर्ती करती है,जो एक प्रशासनिक व्यवस्था है। अलबत्ता जिला सेनानी द्वारा मौजूदा दौर में किसी आपदा ओं को छोडकर भर्ती किये गए, ऐसे नगर सैनिकों को मनरेगा जैसे कार्यों में उतार देना, जिससे सैनिकों के भीतर अन्दरूनी तिलमिलाहट स्वाभाविक है। जानकारी की मानें तो कोरिया जिला मुख्या लय स्थित बैकुंठपुर के जिला सेनानी कार्यालय का है। सूत्रों के मुताबिक नगर सैनिकों का कहना है, कि प्रतिदिन सुबह 8 बजे से शांम बजे तक झुमका बांध के एक टापू में भीषण गर्मी में काम लिया जाता है। जहां मनरेगा कार्य संचालित है। सच तो यह है कि रोज नगर सैनिकों को जिला सेनानी शेखर नारायण बोरवरकर द्वारा यह कह कर एक सरकारी वाहन में भेजा जाता है। कि जिला प्रशासन का निर्देश है, यहां पब्लिक पार्क बनना है। जिससे नगर सैनिकों का दबे जुबान यह भी कहना है, कि हमारे जिला सेनानी अपने मोबाइल से किसी के बीच कभी यह कहते हैं, कि यहां मुख्यमंत्री आयेंगे, तो कभी क्षेत्र की सुरक्षा की बात करते हैं। जानकारी के अनुसार नगर सैनिकों को मनरेगा कार्य में उतारा गया है। वहाँ दर्जनों महिलाएं भी काम करते हैं, जिनके बीच नगर सैनिकों को काम करवाया जाता है।
यह जगह झुमका बांध का एक टीलानुमा क्षेत्र है,जो ग्राम पंचायत अमगांव का हिस्सा है। जहां मनरेगा कार्य चल रहा है जिसका मुंशी के रुप में एक अधेड़ उम्र का व्यक्ति जो हर्रापारा निवासी पटेल के नाम पर जानते हैं। ऐसा सैनिकों का कहना था। बहरहाल इस मनरेगा कार्य में गांव के महिलाओं के साथ नगर सैनिकों को काम करते देखने पर कई पत्रकार भी इस कार्य की जायजा ले चूकें हैं। जो अंधेरी सुरंग से कम नहीं है। वहीं नगर सैनिकों ने जिला सेनानी द्वारा इस प्रकार से मनरेगा कार्य में काम लेने पर घोर एतराज जताया है और कहा है कि हम इसलिये भर्त्ती नहीं हुये हैं, कि मनरेगा में कार्य करें। यहां तक अन्द रुनी सूत्रों के अनुसार बताया गया है, कि कई नगर सैनिक जो कभी आते ही नहीं पर उन्हें नियमित वेतन दिया जाता है। एक महिला सैनिक कई महिनो से बिलासपुर में पढ़ाई करती है पर वेतन भुगतान हो जाता है। फिलहाल इस प्रकार मामलों की जांच होनी चाहिए। तथा उचित कार्यवाही भी।