
( विशेष संवाददाता द्वारा)
रायपुर,गोंडवाना छत्तीसगढ़ न्यूज/GCG NEWS, मध्यप्रदेश स्थित देवास जिले में दो नाबालिक बेटियों सहित 5 आदिवासी महिला सदस्यों को सतारुढ राजनैतिक दबंगों द्वारा हुई जघन्य नरसंहार का गोंडवाना गणतंत्र पार्टी के राष्ट्रीय महामंत्री डॉ एल एस उदय ने कड़ी भर्त्सना की है। तथा सभी दोषियों को फाँसी की सजा की मांग किया है। उन्होनें प्रेस नोट के माध्यम से सवाल उठाया कि देश के भीतर एक निर्भया दरिदगीं कांड ने पूरे देश की नीव को हिलाकर रख दिया था। लेकिन आज देश में सदियों से रहने वाले 5 मूल निवासी आदिवासी माँ बेटियों से साथ घटित दरिंदगी कर 5 फीट नीचे गाड़ दिया गया,पर किसी भी जन नेता के आंखों में आंसू तक नहीं आया। जबकि सदी का यह सबसे खौपनाक दरिंदगी की घटना है। कथित इस घटना में आदिवासियों के अलावा किसी और के आंखो में आंसू तक नहीं बहा। गुनाह सिर्फ यही है कि दफन होने वाले सभी आदिवासी हैं। सच माने तो आज कोई अन्य समुदाय होता तो देश जल उठता। पर वाह रे व्यवस्था आज आदिवासियों को न्याय नहीं, बल्कि यातनाये। क्या यही सच्ची सवैधानिक न्याय व्यवस्था है। डॉ उदय ने मध्यप्रदेश के देवास जिले के नेमावर पांच आदिवासी सदस्यों जिसमें दो नाबालिक बेटियों सहित पांच सदस्यों को सतारुढ राजनैतिक दबंगों द्वारा हत्या कारित घटना प्रकाश में आया है।जिस घटना में उक्त गरीब आदिवासी माँ बेटियों के साथ क्या नहीं किया गया ? वही राजनैतिक संरक्षण प्राप्त दबंगों ने वहां के कानून व्यवस्था से ऊपर था।लिहाजा दिन दहाड़े पांचों मां बेटियों को जे सी बी से 5फीट गड्ढों में निर्दयता के साथ गाड़ दिये थे। वहीं साक्ष्य मिटाने के लिए यूरिया और नमक डाल कर पांचो शवों दफन कर दिया।वहीं प्रशासन के सामने सीना फूला कर घूम रहे थे। इस हत्याकांड के विरोध में गोंडवाना गणतंत्र पार्टी पूरे प्रदेश में 5 जुुुलाई को पूूरे प्रदेेश में शिवराज सिंह चौहान न्होंने मांग की है कि नेमावर में हुई जघन्य हत्याकांड में दोषियों को फांसी की सजा दी जाए या फिर बीच चौराहा पर सरकार के पुतलों की जगह दोषियों को जिंदा जलाया जाये। जिससे भविष्य में ऐसी घटना घटित न हो साथ ही पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता के रूप में एक करोड़ रुपए की सहायता राशि के साथ परिवार के व्यक्ति को नौकरी भी दी जाए। उन्होंने कहा कि दुनिया भर में ऐसा पहला हत्याकांड है। जिसमें परिजनों द्वारा थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कर पीड़ित परिवार द्वारा लगातार स्थानीय लोगो द्वारा न्याय की मांग की जा रही थी, स्थानीय प्रशासन द्वारा समय के साथ कोई उचित कार्यवाही नही की गयी।
उन्होंने कलेक्टर से मांग की है इस हत्याकांड के आरोपियों को जल्द से जल्द फांसी दी जाए एवं दोषी पुलिस अधिकारियों को तत्काल निलंबित किया जाये। जिसमे विजेंद्र उइके, सदन धुर्वे, अंकित मरकाम, बंटी धुर्वे, नीरज वरीबा, साधना उइके, कुसुम , शिखा मरावी, राज उइके रामदास, सहित सैकड़ों लोगों ने घटना की कड़ी निंदा कर दोषियों को फांसी की सजा देने की मांग किया।