कोरिया जिले के पांचवी अनुसूचित क्षेत्रों में मियादी के बाद चिरमी नदी की रेत परिवहन से उबले ग्रामीण, कलेक्टर को परिवहन तत्काल बंद करने का दिया शिकायत न करने पर आंदोलन की दी चेतावनी।।
कोरिया जिले के पांचवी अनुसूचित क्षेत्रों में मियादी के बाद चिरमी नदी की रेत परिवहन से उबले ग्रामीण, कलेक्टर को परिवहन तत्काल बंद करने का दिया शिकायत न करने पर आंदोलन की दी चेतावनी।।
“GCG NEWS” कोरिया छत्तीसगढ 1 जुलाई 2021, कोरिया जिले के बहुचर्चित चिरमी रेत उत्खनन सदैव विवाद के नाम पर सुर्खियों में रहा है।सच तो यह है कि राम कृपाल विरुद्ध विहार सरकार 1969 वेदांता कानून के मुताबिक पांचवी अनुसूचित क्षेत्रो में संसद एवं विधान मंडल का कोई विशिष्ट कानून भी प्रभावित नहीं कर सकता। वैसे भी इलाको में किसी भी कार्य के लिए अंतिम निर्णय ग्रामसभा करती है। ऐसे ही एक आदिवासी क्षेत्र ग्राम पंचायत चिरमी स्थित जहां एक कंपनी रेत उठाव के लिए ग्राम पंचायत का प्रस्ताव बनवाया गया है, जिस प्रस्ताव के बारे में गांव के प्रमुखों पता तक नहीं है। शासन की ओर से 15 जून के बाद किसी भी नदी से रेत का उत्खनन बंद हो जाता है। सवाल यह है कि अनुसूचित क्षेत्रो में किसी प्रशासनिक द्वारा मौखिक रूप से रेत उत्खनन की आदेश देना।अब आदिवासी समुदाय के लोगों का कांन खड़ा कर दिया है। यह आदेश जारी रहा तो क्षेत्रो में टकराव लाजिमी है। इसी बात को लेकर चिरमी ग्राम पंचायत के उप सरपंच विवेक मराबी सहित सैकड़ो ग्रामीणों ने आपति दर्ज करते हुए,कोरिया कलेक्टर को एक आवेदन दिया है।तथा रेत उठाव को तत्काल बंद करने की मांग किया है। कार्यवाही न करने पर आन्दोलन की चेतावनी दिया है।