कोरबा जिले के सरहदी ग्राम पंचायत घोसरा में निदान शिविर आयोजित

कांतिकुमार ओड़े

(संवाददाता )

कोरबा (सिरमिना) (GCG NEWS ) प्रदेश की सतारुढ सरकार इन दिनों प्रदेश की जनता की जन समस्याओ को लेकर फिलहाल सक्रिय दिखाई दे रही है। प्रदेश के जनजाति बाहुल्य इलाका में लगातार शिविर का आयोजन कर जनता की समस्या को लेकर त्वरित समाधान की कार्यवाही की जा रही है।कोरबा जिले के पसान चंद्रौटी के दूसरे ही दिन जिले के अंतिम छोर सिरमिना इलाके के ग्राम पंचायत घोसरा में आयोजित समस्या निदान शिविर में पहुचें सैकड़ों लोगों के चेहरे में एक नई किरण की आस जगी है। वैसे तो समस्या के नाम पर आदिवासियों की भूमि व वन संबन्धी समस्या दिन प्रतिदिन जमहाई ले रहा है। वहीं इन दिनो क्षेत्रों में किसानों के पट्टों को लेकर बिचौलियों द्वारा धान की बिक्री करना एक वड़ी समस्या वन कर खड़ी है। मसलन भोले भाले आदिवासी जनता को विचौलियों द्वारा चंद पैसा की प्रलोभन देकर प्रशासन तक आवाज को नहीं उठने देते। लिहाजतन सहकारी समितियों का कर्मचारियों की मिली भगत को इंकार नहीं किया जा सकता है। यह खेल कमोवेश दिन प्रतिदिन बढ़ते जा रहा है। प्रशासन के आंखो में अब धूल झोंक कर समिति के प्रबंधकों व विचौलियों की खेल यदि देखना चाहते हैं। महज सहकारी बैंकों के इर्द-गिर्द मरे गिद्ध की भांति मंडराने वाले पेट फुलाए विचौलियां दिख जायेगें। जिनका निशाना भोले भाले आदिवासी किसानों के हाथो बैक कांउतर के खिड़की से मिलने वाली रकम पर होता है। जैसे ही किसानों के हाथो निकलता है।जिसे लपक लेते हैं। और सच्चाई भी यही है।आज आदिवासी बाहुल्य इलाको में संचालित जितने भी सहकारी समिति हैं।जिनके छोटे-छोटे कर्मचारियो से लेकर समिति प्रबंधकों के आलिशान बंगले भ्रष्टाचार के साबूत बयां कर देते हैं।