गोंडवाना गणतंत्र पार्टी के डॉ उदय को पार्टी राष्ट्रीय महामंत्री नियुक्त करने से पार्टी कार्यकर्त्ताओं में व्यापक उत्साह


रायपुर,छत्तीसगढ़ (GCG NEWS) वर्तमान मध्यभारत के विदर्भ महाराष्ट्र से लेकर छत्तीसगढ़ एवं मध्यप्रदेश जहाँ गोंडवाना गणतन्त्र पार्टी बीते तीन दशक से मूल निवासियों के बीच अपनी  राजनैतिक दल के रूप में एक अलग पहचान बना चुकी है। गोंडवाना गणतंत्र पार्टी की इस राजनैतिक दल में पत्रकारिता के साथ डॉ एल एस उदय को 1993 से राष्ट्रीय महामंत्री के रूप में पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष/संस्थापक दादा हीरा सिंह मरकाम ने नियुक्ति दिया था। जिस समय कांग्रेस व भाजपा का नेताओं का क्षेत्र में अपना तूती बोलता था। इसी दौरान 19 मई 1993 को तात्कालीन सरगुजा के खड़गवां के रतनपुर डाकिया शिवपालसिंह मरकाम के घर के समीप आयोजित पार्टी की प्रारंभिक बैठक में सुप्रीमों दादा हीरासिंह मरकाम का उद्बोधन और विचार डॉ उदय को काफी प्रभावित किया। और इसी दिन से डॉ एल एस उदय को पश्चिम सरगुजा का जिला अध्यक्ष पद पर नियुक्ति दिया गया। तब से डॉ उदय पार्टी के लिए समर्पण की भावना लगातार क्षेत्र में राजनैतिकप्रभाव को बढ़ाते रहे। धरना प्रदर्शन आन्दोलन एक अहम हिस्सा बन चुका था। उसी दौरान खड़गवां में 7 सितंबर 1993 को आयोजित कार्यक्रम में कार्य की गति विधियों को देखते हुए डॉ उदय को राष्ट्रीय महामंत्री की नियुक्ति देकर पार्टी में एक अहम जिम्मेदारी सौप दिया। और उन्होंने यह कहा था कि जिसका आत्मबल उंचा होता है।उसको कोई झुका नहीं सकता। चलते रहो, पीछे मुड़ कर कभी मत देखना। यदि पीछे मुड़ कर देखोगे तो दूसरा कोई आगे बढ़ जायेगा। यही बात डॉ उदय को चुभ गया। उन दिनों लगातार गॉव गॉव जाकर पार्टी के लिए संघर्ष करता रहा है।और अपने दायित्वों को बड़ी चुनौतियों के साथ निर्वहन करते हुए पार्टी की विस्तार को सरगुजा,कोरिया एवं सीधी जैसे उन अभाव ग्रस्त असुविधाओ से जूझते हुए अपने  राजनैतिक गुरु,पार्टी के जन्मदाता,संस्थापक दादा हीरासिंह मरकाम के साथ राजनैतिक  संघर्षो मे साथ साथ रहे। वहीं सतह से उपर उठते ही जीवन में कई राजनैतिक द्वंद्व जैसे चुनौतियो का सामना भी करना पड़ा। जानकारी की मानें तो गोंडवाना गणतंत्र पार्टी की जमीर को  शशक्त बनाने में डॉ एल एस उदय का कोरिया सरगुजा सीधी क्षेत्र में महत्वपूर्ण भूमिका था।जिनके काबिलियत को देखते हुए, जिन्हें गोंडवाना गणतन्त्र पार्टी ओर से 1993 में पहली बार मंनेद्रगढ़ विधान सभा क्षेत्र से पार्टी प्रत्याशी बनाया गया। जिन्होंने 1996 में सीधी लोकसभा से चुनाव लड़ा था । वहीं 1998 में सरगुजा लोकसभा, 1999 (मध्यावधि) में भी सरगुजा लोकसभा , वर्ष 2003 में विधानसभा मंनेद्रगढ़ से पार्टी प्रत्याशी रहे हैं। 2004 में सरगुजा लोकसभा, तथा 2008 भटगंवा विधानसभा के पार्टी प्रत्याशी रहे हैं। जिन्होनें पार्टी की ओर से 1998 में नगर बैकुठपुर से हजारों की संख्या में सरगुजा अबिकापुर तक अन्याय अत्याचार के खिलाफ  आवाज बुलंद किया था। वहीं डांडगाव से अंबिकापुर तक की पद यात्रा में महत्वपुर्ण दायित्व निभाए थे। विडंबना है, कि राजनैतिक उतार चढ़ाव के कारण  राष्ट्रीय गोंडवाना पार्टी से चुनाव लड़े जाने पर अपने और पराए की परिभाषा बदल जाने जैसे माहौल को डॉ उदय ने एक मानवीय भूल समझ कर पार्टी के प्रति आस्था जताया है।और कहा है कि जिस संगठन के विचार और सिद्धांओं के प्रति अपने जीवन को समर्पित किये हैं। हम अलग अलग विचारो को नहीं थोप सकते। हमें जरुरत है कि पार्टी संगठन मजबूत हो। और गोंडवाना का शासन सत्ता हो। इस दौरान डॉ एल एस उदय जिनसे मिडिया की ओर से पूछे गए सवालों के जवाब में उन्होनें कहा है कि 10 फरवरी 2021 को पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की ओर से पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष आदरणीय तुलेश्वर सिंह मरकाम जी ने मुझे पार्टी राष्ट्रीय महामंत्री पद की जिम्मेदारी सौपी गयी है। पद की गरिमा की निर्वहन करते हुए पार्टी की विस्तार से लेकर हर गतिविधियों पर पार्टी हित में सदैैैव तत्पर रहूँगा। वैसे तो मध्य भारत में सक्रिय राजनैतिक दल के उभरे गोंडवाना गणतंत्र पार्टी जो व्यापक चुनौती और संघर्ष के साथ मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़, विदर्भ महाराष्ट्र, उत्तरप्रदेश जैसे कई राज्यो में सतारुढ राजनैतिक दल लोहा भी मान चुकी है। जो मूल निवासियों की जल जंगल और जमीन से लेकर देश की मूूूल निवासियों के बीच राजनीतिक चेतना देने में गोंडवाना गणतंत्र पार्टी काफी मुखर रही है। जैसे कि पार्टी के संस्थापक दादा हीरासिंह मरकाम के बाद अब पार्टी की धार तेज करने के लिए  तुलेश्वर सिंह मरकाम पार्टी को शशक्त बनाने के लिए अब अपना रणनीति तेज कर दिये हैं।