कोरिया जिले के मनसुख रेंज में दबंगई कर दो सवर्ण बीट गार्डों ने मिलकर एक निरपराध गोंड आदिवासी युवक का सिर फोड़ा, दोनों हाथों से विकलांग एक युवक को थप्पड़ मारा, गिरफ्तारी को लेकर गोंडवाना करेगी न्याय दो आंदोलन।

(विशेष संवाददाता द्वारा)

 कोरिया छत्तीसगढ, 28 नवंबर 2023, आज कुछ भी हो स्वतंत्र भारत में लगता है, कि स्वतंत्रता, समानता, बंधुत्व एवं मानवता आज आदिवासियों के लिए नहीं है। जो अपने ही घरों में पराए हो गए हैं। जो न्याय पाने के लिए लोग सूखे पत्तों की भांति इधर से उधर उड़ा रहे हैं। सच मायने में जिन्हें न्याय मिलना दुर्लभ हो गया है। इन इलाकों में भोले भाले आदिवासी जनता के प्रति कुछ गैर वर्गों के सरकारी कर्मचारियों का मिजाज बदल रहा है। सता की नए खेल में चाहे सरकार किसी का भी हो। आदिवासी समुदाय के लिए कानूनी हालात धुंध से घिरी हुई है। हिमायती के रक्षक राजनीतिज्ञ भी इन वर्गो के प्रति गंभीर नहीं हैं, जिनके दिल और दिमाग से दर्द होना बंद हो गया है। इन वर्गो के हितों की संरक्षण के लिए कानून और नीतियां बनी बावजूद भी आदिवासियों की हितों के लिए संकट बरकरार है।

 

जानकारी की मानें, तो कोरिया जिला मुख्यालय से महज 15 किलो मीटर की दायरे में स्थित ग्राम माटी झारिया गांव बसी है। बीते 26 नवंबर को शाम करीब 7 से 8 बजे के बीच तेज रफ्तार सरकारी गाड़ी में बजती हुई सायरन से लोग हड़बड़ा उठे थे। इसी दौरान माटी झरिया निवासी जो दोनों हाथ से विकलांग अधकटे आदिवासी युवक ईश्वर सिंह गोंड अपने घर से बाहर निकल कर पूछने लगा कि सायरन क्यों बजा रहे हैं, तो राकेश पांडेय कहने लगा कि हाथी आए हैं, इतने में विकलांग ईश्वर सिंह गोंड कहा कि हाथी कहां हैं इतने में वर्दी की रौब दिखा कर ईश्वर सिंह को थप्पड़ घुसे से पिटाई करने की बात लिखा है। वहीं पड़ोसी सुरेश सिंह आयाम बचाने निकला तो राकेश पांडेय और पुन्नू तिवारी ने गाड़ी में रखे डंडे निकाल कर पिटाई कर दिया, जिससे सुरेश सिंह के सिर में तथा आंख के पास चोंट आने की जानकारी है। वहीं सुरेश सिंह गोंड को लहुलुहान होते देख राकेश पांडेय और पुन्नू तिवारी ने रिपोर्ट करने पर अंजाम ठीक नहीं होगा कहते हुए भाग निकले। जैसा कि दूसरे दिन 27 नवंबर को सुबह मनसुख का एक वन कर्मी दास डिस्पेंसरी संचालक से मिलकर सिर में पट्टी बांध दिया। लिहाजा आज 28 नवंबर को पीड़ित आदिवासी फरियादियों ने बैकुंठपुर स्थित विशेष अनूसूचित जाति जनजाति कल्याण थाना में एक लिखित शिकायत पत्र दिया है।जिस पत्र में साफ कहा गया है कि दो वन कर्मी राकेश पांडेय और पुन्नू तिवारी दोनों ने हमें आदिवासी नीच कहते हुए मारपीट किया है तत्काल कार्यवाही करते हुए न्याय दिलाने की मांग किया है।

 

जैसा कि घटना की चश्मदीद गवाह गंगा राम पिता नारायण खेरवार,रामबरन पिता गंगा राम पिता जाति खैरवार, फुलकुंवर पति सोमारु गोंड, सुनीता पति रामबरन खेरवार, फुलबसिया पति जालसाय खेरवार, नागमतिया पति गंगा राम हैं जो देखे और सुने हैं। बहरहाल मारपीट करने वाले दोनों वन कर्मियों की राजनीतिक प्रभाव काफी गहरा है। इस प्रकार से निर्दोष आदिवासी युवकों को बेनाहक मारपीट करने वाले दोनों वन कर्मियों पर यदि पुलिस अधिकारियों द्वारा समय रहते कार्यवाही नहीं करेगी तो गोंडवाना गणतंत्र पार्टी शीघ्र ही न्याय दो आंदोलन को लेकर घेराव करेगी जिसका सारी जिम्मेदारी प्रशासन को होगी।

उक्त घटना की जानकारी मिलते ही गोंडवाना गणतंत्र पार्टी के राष्ट्रीय महामंत्री डॉ एल एस उदय सिंह इस घटना को लेकर कड़ी आपत्ति दर्ज करते हुए प्रशासन से मांग किया है, कि यह जनजाति बाहुल्य क्षेत्र है जहां प्रशासन और नियंत्रण जैसे सवैधानिक कानून इन वर्गो के हितों के संरक्षण के लिए प्रावधानित है। इनके गरीबी और अज्ञानता का नाजायज फायदा न उठा जाए। डॉ उदय ने प्रशासन से अपेक्षा करते हुए कहा है कि कर्मचारी आचरण अधिनियम 1965 का पालन सख्ती से पालन होनी चाहिए। तथा दोनों वन कर्मियों पर विधिसंगत कानूनी कार्रवाई हो। अन्यथा इस घटना पर कोई कार्यवाही न होने पर हमारी पार्टी लोक हित में कभी भी जनांदोलन कर सकती है।