ग्राम पंचायत सगरा में एक गाय को बैल द्वारा मार डालने पर गाय बांधने वाले को गौहत्या का लगा दंड,सामाजिक विधान से हुआ दोष मुक्त ।

(महाबीरसिंह नेताम संवाददाता द्वारा)

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कोटाडोल, कोरिया छत्तीसगढ़, 10 मार्च 2022 , जानकारी की मानें, तो अब गोंड आदिवासी समुदाय के लोग जो वैदिक रुप से कर्म काण्ड का सहारा लेते थे। बहरहाल उन पद्धतियों को काफी पीछे छोड़ कर अब अपने सामाजिक रीति रिवाजों के मुताबिक समाज के भूमका के द्वारा पेन पूजा करते हैं। जैसा कि बीते दिनों ग्राम सगरा निवासी श्याम सुन्दर कुशराम अपने एक गाय को बांध के रखा था कि एक बैल अपने सिंग से गाय को मार डाला था। चूकि रिवाज के मुताबिक गाय को बांध कर रखने वाले को समाज के लोग उस व्यक्ति को गौ हत्या का दंड का दोषी माना जाता है। जमाने में पहले पवित्र होने के लिए गंगा बनारस जाने को कहते थे।लेकिन अब समाज के भुमकाओं के द्वारा किसी नदी नाले के किनारे पहले मुंडन कराते हैं फिर बड़ादेव की पूजा पाठ कराके पांच कुवारें बच्चे बच्चियों को खिलाते हैं।और अपने भांचा को दान दिलवाते हैं।तब पवित्र माना जाता है। इसी क्रम में आज यह कार्य क्रम भूमकाओ के द्वारा पूरा कराया गया।