गोंडवाना गणतंत्र पार्टी द्वारा भानुप्रतापपुर क्षेत्र निवासी एक नाबालिक आदिवासी युवती के साथ सामूहिक दुष्कर्म की घोर निंदा। आरोपी पुलिस उप निरीक्षक तिवारी की गिरफ्तारी को लेकर पार्टी प्रदेशव्यापी जनांदोलन की दी चेतावनी।
गोंडवाना गणतंत्र पार्टी द्वारा भानुप्रतापपुर क्षेत्र निवासी एक नाबालिक आदिवासी युवती के साथ सामूहिक दुष्कर्म की घोर निंदा। आरोपी पुलिस उप निरीक्षक तिवारी की गिरफ्तारी को लेकर पार्टी प्रदेशव्यापी जनांदोलन की दी चेतावनी।
कांकेर, छत्तीसगढ़ GCG NEWS 14 अप्रैल 2021 व्यवहारिक तौर पर कथित नाबालिक आदिवासी युवती के साथ एक गृह प्रशासन के जिम्मेदार पद पर कार्यरत पुलिस उप निरीक्षक द्वारा कथित एक सामूहिक दुष्कर्म जैसे घटना को लेकर गोंडवाना गणतंत्र पार्टी की ओर से घोर निंदा की है । पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव डॉ एल एस उदय ने मिडिया को दिये गये अपने अनौपचारिक चर्चा के दौरान कहा है, कि आज सारा समाज ऐसे गृह पुलिस प्रशासन के अधिकारियों को जिस उम्मीद भरी निगाहों से देख रही है। जिन्हें लोग आज एक अंधेरी रोशनी की एक किरण मानते हैं। और आम नागरिकों का जिन्हें पुलिस अधिकारियों के प्रति जिनके हृदय में एक सम्मान होता है। गौरतलब ऐसे ही कुछ पुलिस अधिकारियों द्वारा यदि गरीब आदिवासी व वंचित वर्गों के बहू बेटियों के साथ दुष्कर्म व हिंसात्मक कार्य करे। ऐसे कृत्यों का गोंडवाना गणतन्त्र पार्टी घोर निंदा की है। और कांकेर जिला में हुये इस अनाचार जैैसे संवेदनशील मामले को लेकर पार्टी की ओर से कथित दुष्कर्म के आरोपी किशोर तिवारी सब इंस्पेक्टर का तत्काल गिरफ्तार करने की मांग की है। तथा पार्टी केे राष्ट्रीय महासचिव ने इस संवेदनशील मामले में यदि पुलिस प्रशासन आरोपी को संरक्षण देती है। नतीजतन आदिवासी समुदाय के नाबालिक बेटी के साथ हुये दुष्कर्म को लेकर गोंडवाना गणतंत्र पार्टी कोई समझौता नहीं करेगी तथा पार्टी प्रदेश व्यापी जनांदोलन करेगी। वहीं जानकारी की मानें, तो इस सामूहिक दुष्कर्म की घटना को अंजाम देने वाले आरोपी विकास हिरदानी, मनोज सिंह व पूजा कुमेटी को गिरफतार कर रिमांड पर जेल भेज दिया गया है, पर सब इंस्पेक्टर किशोर तिवारी अभी भी फरार है। कांकेर थाना में पदस्थ यह सब इंस्पेक्टर किशोर तिवारी जिसकी गिरफ्तारी की मांग को लेकर सर्व समाज के द्वारा भी एक दिवसीय धरना दुर्ग कोंदल में दिया जा चुका है।और भानुप्रतापपुर में नाबालिग से गैंगरेप की इस घटना करने वाले पुलिस सब इंस्पेक्टर किशोर तिवारी को जल्द गिरफ्तार करने की मांग की गई है। इस मामले को लेकर आदिवासी समाज के आंनद माहवे ने कहा कि गैंगरेप के कई दिनों के बाद भी आरोपी पुलिस सब इंस्पेक्टर किशोर तिवारी की गिरफ्तारी नहीं होंने से पुलिस विभाग के कार्यशैली पर भी संदेह होना लाजिमी है। सूत्रों के अनुसार कांकेर जिले के भानुप्रतापपुर थानांतर्गत एक नाबालिक आदिवासी युवती ने कांकेर थाना में पदस्थ एक सब इंस्पेक्टर किशोर तिवारी व उसके दो साथियों पर सामूहिक दुष्कर्म का आरोप लगायी है। इस मामले में एक युवती के भी शामिल होने की बात नाबालिक द्वारा की गई है। पुलिस ने तीनों आरोपी के व युवती के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। दोनों आरोपी व युवती अभी पुलिस के गिरफ्त में है। लेकिन आरोपी कांकेर में पदस्थ सब इंस्पेक्टर किशोर तिवारी अभी भी फरार है। जानकारी के अनुसार मामला होली के दिन का है। अंतागढ विकासखंड की एक नाबालिग आदिवासी युवती कांकेर
गई थी। और उसी दिन शाम को वापस आकर भानुप्रतापपुर के एक लॉज में रूकी। उक्त नाबालिग लडकी के अनुसार घर जाने के लिए कोई वाहन नहीं होने के कारण उसे भानुप्रतापपुर के लाज में रूकना पड़ा। दूसरे दिन होली के कारण उसे फिर से गाड़ी नहीं मिली और वह अपनी परिचित नयापारा निवासी पूजा कुमेटी के घर रूक गई। जबकि उसी रात पूजा के ही घर में आरोपी सब इंस्पेक्टर किशोर तिवारी 38 वर्ष जो कि कांकेर थाना में पदस्थ था। वहीं विकास हिरदानी 38 वर्ष निवासी कांकेर व मनोज सिंह 29 वर्ष निवासी कांकेर ने नाबालिग के साथ सामूहिक दुष्कर्म की घटना को अंजाम दिया। जिसके बाद लड़की बेहोश हो गई। दूसरे दिन सुबह उक्त नाबालिग लड़की वापस अपने घर चली गई। जिसके करीब 7 दिन बाद 4 अप्रैल को नाबालिग युवती ने अपने परिजनों के साथ भानुप्रतापपुर थाना आकर मामले की रिपोर्ट दर्ज कराई। रिपोर्ट में नाबालिग ने बताया कि आरोपियों द्वारा घटना की जानकारी किसी को देने पर जान से मारने की धमकी दी थी। जिसके कारण वह इतने दिनों तक चुप थी। विदित हो कि नयापारा निवासी पूजा कुमेटी जिसके घर में यह वारदात हुई थी वह इसके पूर्व भी इसी तरह के कार्यो में संलिप्त थी। वर्ष 2014 में वह 15 से 17 दिनों तक जेल की हवा खा चुकी थी। इस पूरे मामले में अहम भूमिका पूजा ने ही निभाई थी। प्रार्थिया के अनुसार पूजा ने ही रात को उक्त तीनों आरोपियों को अपने घर बुला कर उक्त कृत्य करने उनका साथ दिया है। पुलिस ने तीन आरोपितों के खिलाफ धारा 376 डी, 506, 34 आईपीसी, 3(2) वी एससीएसटी एक्ट, व 4-6 पाक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया है। वहीं पूजा को संपूर्ण दुष्कर्म में सहयोग व संरक्षण देने का आरोपित बनाया गया है। पुलिस ने मामला दर्ज होने के बाद 4 अप्रैल को देर रात तक आरोपित विकास हिरदानी, मनोज सिंह व पूजा कुमेटी को गिरफतार कर रिमांड पर जेल भेज दिया है। जबकि एसआई किशोर तिवारी अभी भी फरार है। फिलहाल मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस सक्रिय है। लेकिन इस मामले में पुलिस विभाग की साख पर एक धब्बा तो जरूर लगा दिया है। इतने संवेदनषील अपराध में एक पुलिस अधिकारी की संलिप्तता ने मामले को और अधिक गंभीर बना दिया है। इस पूरे मामले के प्रकाष में आने के बाद भानुप्रतापपुर में देह व्यापार संचालित होने की चर्चाएं भी जोरों से व्याप्त हैं। इस मामले में भानुप्रतापपुर एसडीओपी अमोलक सिंह ढिल्लो ने कहा कि मामला बेहद संगीन है, अब तक तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। जबकि मामले में संलिप्त एसआई की तलाश जारी है, बहुत जल्दी उसे भी पकड़ लिया जाएगा।