हसदेव जंगलों की कटाई को लेकर गांव गांव में आदानी वापस जाओ की नारा गूंजा, ।

बी पी एस पोया, सामाजिक  कार्यकर्ता के लेख पर आधारित

अंबिकापुर, छत्तीसगढ़,  24 दिसंबर 2023, गोंडवाना उदय न्यूज ग्रुप, कुछ भी हो मानव जाति के जीवन अस्तित्व जंगलों के साथ ही साथ सहचर सारे जीव जंतुओं की विनाश लीला को कोई रोक नहीं सकते। अनूसूचित जनजाति के हितों के संरक्षण के लिए बनी पांचवी अनुसूची की अनुच्छेद 244 (1) सांवैधानिक कानून कायदे सरकार की अनियंत्रित विकास के सामने शिथिल हो गया है। कहने को तो आदिवासी समुदाय की संवैधानिक सर्वोच्च अधिकार रूढ़ी परंपरा जन्य कानून 13(3) के तहत सरकार इन इलाकों में बिना अनुमति पेड़ पौधे को काटना तो दूर पते को हिला नहीं सकते घुसना तो बहुत दूर की बात है।

उक्त बातें सामाजिक कार्यकर्ता बी पी एस पोया ने सोसल मीडिया के माध्यम से कहा है कि दुर्भाग्य है कि छत्तीसगढ़ राज्य में विष्णुदेव साय सरकार बनते ही हसदेव जंगल की कटाई शुरू हो गया है। बीपीएस पोया सूरजपुर सरगुजा संभाग के चर्चित युवा सामाजिक कार्यकर्त्ता बीपीएस पोया ने हसदेव जंगल कटाई को लेकर साय भाजपा सरकार के लिए कई सवाल उठाया है। बीते दिनों शासन प्रशासन पुलिस फोर्स के तैनाती में हजारों पेड़ों की कटाई कर दी गईं ,और हसदेव बचाओ संघर्ष समिति के सक्रिय लोगों को नजर बन्द भी कर दिया गया था । उन्होंने बताया की जानकारी मिलते ही विडियो जारी करते हुए हसदेव जंगल संरक्षण करने की अपील । छत्तीसगढ़ के नए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय जी को मीडिया से पता चला वे बोले जो भी जानकारी मुझे मिला है ऐसा कुछ भी नहीं हुआ । पोया ने बताया छत्तीसगढ़ में विधानसभा 2023 चुनाव में भाजपा की पूर्ण बहुमत की सरकार बनी और छत्तीसगढ़ में आदिवासी को मुख्यमंत्री बनाया गया इस बीच क्षेत्र वासियों ने केंद्र नेतृत्व मोदी सरकार का धन्यवाद ज्ञापित किया गया ।

परंतु छत्तीसगढ़ में ही सरगुजा सूरजपुर कोरबा अंचल के समीप बसे हुए आदिवासी बहुमूल्य गांव को अदानी कंपनी के लिए जंगलों की कटाई की जा रही है, यह कैसा विकास और भाजपा की गारंटी हैं । ग्रामीणों का लगातार विरोध के बावजूद पेड़ों की कटाई की जा रही है. यही कारण है कि हसदेव जंगल का अधिकतर इलाका मैदान में तब्दील हो चुका है. और आदिवासी ग्रामीण, पशु पक्षी,पलायन विस्थापन हों रहे हैं सूरजपुर कोरबा से सरगुजा, झारखंड और ओडिशा की सीमा तक फैले हसदेव अरण्य को मध्य भारत का फेफड़ा कहा जाता है । पोया के नेतृत्व में आज ग्राम पंचायत पोड़ी के छात्र बच्चों के साथ वीडियो बनाकर छत्तीसगढ़ और केंद्र की भाजपा सरकार को जागरूक करने का प्रयास किए हैं छात्रों ने नारा लगाते हुए कहा हसदेव जंगल काटना बंद , करो बंद करो । अदानी कंपनी वापस जाओ , वापस जाओ। आदिवासी विस्थापन करना बंद करो , बन्द करो। नारे बाजी के बाद पोया ने छत्तीसगढ़ सरकार के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय व केंद्र की मोदी भाजपा सरकार से विनम्रता पूर्वक अपील की हसदेव जंगल को काटना बंद करें खास तौर पर छत्तीसगढ़ के मुखिया साय सरकार आप एक आदिवासी समुदाय से मुख्यमंत्री बने हैं और इस आदिवासी समुदाय का विस्थापन करने के लिए अडानी और प्रशासन के द्वारा पेड़ की कटाई की जा रही है यह गलत व निंदनीय है ऐसे में छत्तीसगढ़ का हजारों सालों से आदिवासी बहुमूल्य निवासरत समुदाय का सरकार पर क्या विश्वास भरोसा उम्मीद करेगी छत्तीसगढ़ के मुखिया के नाते आप हो सके तो हसदेव जंगल को बचाने के लिए कड़ी कदम उठाए और इस पर रोक लगाए ताकि छत्तीसगढ़ में हसदेव जंगल की कटाई बंद हो जाए और छत्तीसगढ़ हरियाली समृद्ध छत्तीसगढ़ प्रबुद्ध छत्तीसगढ़ बन सके । पोया ने हसदेव जंगल के लिए छत्तीसगढ़ी में पंक्ति कहा : चिरई चिरगुन कोलिहा बेंदरा के बसेरा हे,शेर चितवा भालू हिरन हाथी के डेरा हे। जंगल झाड़ी म वन औषधि के भण्डार हे, तेंदु चार चिरौंजी हर्रा बहेरा के भरमार हे। जंगल झाड़ी बिना ए जीव जंतु बेघर हे, रुख-राई इही हमर जिनगी के अधार हे। हरिहर रुख-राई धरती दाई के अचरा हे, हसदेव जंगल ल बचाव ए हमर गोहार हे।

उन्होंने कहा कि वृक्ष बचाना यह केवल आदिवासी समुदाय का दायित्व नहीं, बल्कि पेड़ बचाना पूरे मानव जीवन के अस्तित्व के लिए अहम है। तथा विरोध प्रदर्शन के बाद भी पांचवी अनूसूचित इलाका में सरकार की इशारे में एक उद्योग घराने द्वारा हजारों पेड़ों की कटाई जैसे दादागिरी जिसे आज पूरी दुनिया के निगाहों में तैर रही है। वहीं इलाकों में सरकारी सांडों ने भोले भाले आदिवासी युवाओं को भी पेड़ पौधे को काटने के पहले बंदी बनाकर कैद कर लिया। आजादी के बाद से शायद आज तक इस प्रकार की घटना कभी नहीं हुआ है।