आदिवासी इलाका सरगुजा के केंद्रीय राज्यमंत्री के गृह ग्राम से सटा गांव चंद्रिकापुर स्थित प्राथमिक पाठशाला का सूरत 40 वर्षो के बाद भी नहीं बदला, जर्जर विद्यालय में बच्चे पढ़ने को मजबूर।

(संभाग ब्यूरो चीफ सी. पी.सिंह मरावी)
सूरजपुर छत्तीसगढ/GCG NEWS/ 5 दिसम्बर 2021, छत्तीसगढ़ राज्य के उतरी सरहदी क्षेत्र जो संविधान की पांचवी अनुसूचित क्षेत्र के अंतर्गत आता है,जहां अनुच्छेद 244(1) लागू है। बहरहाल इन इलाकों में इन वर्गों की शैक्षणिक संस्थाओं इन वर्गो की शिक्षा की स्तर को संवारना सरकार की नैतिक जिम्मेदारी है।

वहीं ग्राम चंद्रिकापुर में प्राथमिक शाला भवन छप्पर वाला है ,जो कि लगभग 40 साल पुराना है।जिसकी दिवाल टूटने से छप्पर पूरा नीचे दिन प्रति दिन गिरता जा रहा है, और बच्चों के बैठने के लिए केवल 1 (एक) कमरा है।जहां कक्षा 1 ली से 5 वीं तक के सभी बच्चे बडी मुस्किल से बैठकर अध्यापन करने में मजबूर हैं, उसी कमरे में सभी सामान रखा है,उन बच्चों की भविष्य सवारने कि ऐसे स्थिति में बच्चे बरसात के समय कहाँ पर बैठकर पढ़ाई करेंगे, इस पर विचार कर गाँव के जनप्रतिनिधियों द्वारा कई बार आवेदन दे चुके हैं , मगर शासन कि ओर से कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। हम समस्त ग्रामवासी ग्राम चन्द्रिकापुर पंचायत पस्ता की माँग है, की नवीन भवन निर्माण शासन शीघ्र स्वकृति कराये। गोंडवाना उदय न्यूज ग्रुप की ओर से प्राथमिकता से इस कदम को उठाया है, डी. पी. एस. मरकाम जिला ब्यूरो चीफ सूरजपुर, पंच वार्ड क्रमांक 20 से विजय सिंह, शिक्षा समिति के अध्यक्ष कमला प्रसाद, सहायक शिक्षक श्री रुपनारयण सिंह, जय शंकर साहू,मुख्य रूप से उपस्थित राजलाल राजवाड़े , पारस राम राजवाड़े, उपेंद्र राजवाड़े, विजेंद्र राजवाड़े, नैन साय राजवाड़े, प्रेम सिंह, अमृत सिंह, राजेन पटारी, कमला प्रसाद, विजय कुमारी, पीताम्बरी राजवाड़े, रगमेन बाई, बबली राजवाड़े, उपेंद्र सिंह, एवं समस्त ग्रामवासी उपस्थित रहे। पालको ने कहा है कि यदि सरकार इस दिशा में कोई पहल नहीं किया तो जनांदोलन किया।