आदिवासी युवक को सार्वजनिक स्थल पर देवाडांड स्थित बैंक चपरासी द्वारा जातिसूचक गाली गलौच करने पर आदिवासी युवक ने विशेष थाना कोरिया बैकुन्ठपुर में किया शिकायत,मामला दर्ज न होने पर बैंक के सामने धरना देने की दी है चेतावनी।

(विशेष संवाददाता द्वारा)

खड़गवां,कोरिया छत्तीसगढ GCG NEWS 23 जुलाई 2021जिले के दक्षिणी कोरबा से सटा हुआ सरहदी इलाका जो खडगवां तहसील के अंतर्गत हसदो नदी की तटीय क्षेत्रों में बसा एक एक घनी आबादी वाला हल्का ग्राम पंचायत देवाडांड जहाँ पर स्थित है। अमूमन यह गोंड आदिवासी समुदाय बाहुल्य इलाका है। जहां पर सेंट्रल बैंक आफ इंडिया का एक माइनर ब्रांच संचालित है। स्थानीय लोगों की माने तो यह बैंक में पद और पहुँच के बिना पत्ते तक नहीं हिलता।भोले भाले निरक्षर आदिवासी समुदाय के लोगों के लिए यह बैंक कांटा से कम नहीं है। इस बैंक में वर्षो से दलालों का इतना बड़ा जाल है,कि ग्राहकों के बिना ही पैसा आहरण हो जाता है। जहां सरकारी योजना का मिलने वाला राशि श्रीराम के नाम पर सीताराम लाखो रुपए निकाल लेता है। श्रीराम वर्षो से हाथ मलते फिरते रहता है।वहीं ग्राहकों का कहना है कि के सी सी किसान क्रेडिट कार्ड योजना का लाभ में सीधे सीधे विचौलियों को होता है। कई ग्राहकों को पता नहीं चलता है कि मेरे नाम पर इस योजना के तहत पैसा निकला है। बहरहाल कोई ठोस आधार न होने के कारण यह तथ्य को जोर देना उचित नहीं है। पर जांच के दायरे में लाया जा सकता है।
इन दिनों सबसे ज्यादा और अहम चर्चा का विषय देवाडांड सेंट्रल बैंक के एक चपरासी मुनीष कुमार का है। जो वर्षो से जड़ जमाये इस बैंक के मनेजर से भी ज्यादा हस्ती रखता है। जो यहां के ग्राहकों से बात बात में रुतबाई रौब जिससे लोगों में गुस्सा पनपते जा रहा है। विगत 13 जुलाई को ग्राम मेंड्रा निवासी एक आदिवासी युवक सूरत सिंह गोंड जिसका बैक खाता बंद हो गया था,जिसे चालू करने के लिए 100रुपए का विड्राल भर कर बैंक में जमा करने घुस रहा था कि बैंक का चपरासी मुनीष कुमार अंदर घुसने के पहले ही जमा पर्ची को पढ़ कर धक्का मुक्की करते हुए बैंक का दरवाजा में ताला जड़ दिया।और उस युवक सबके सामने अभद्र व्यवहार कर आदिवासी होने का तथा जातिगत गाली गलौच करने लगा।वहीं घटना के समय बीच बचाव कर धीरेन्द्र कुमार साहू एवं सीताराम गोंड लड़के को पीटने पर उतारु चपरासी से बचा कर मामला को शांत कराये।इस घटना से क्षुब्ध होकर आदिवासी यूवक सूरतसिंह गोंड ने दिनांक 13 जुलाई को लिखित तौर पर अपनी फरियाद को लेकर खड़गवां थाने में पहुंचा। जिसके बाद से बैंक के मैनेजर अमरदीप एवं बैंक चपरासी मुनीष कुमार लगातार मामला की समझौता के लिए ग्राम मेंड्रा जाकर युवक पर दबाव बनाना शुरू कर दिए थे। और पंचायत भवन में सरपंच प्रतिनिधी शिवशंकरसिंह तथा सचिव सुभाग सिंह एवं कई अन्य लोगों के सामने बैंक मैनेजर एवं चपरासी द्वारा सूरतसिंह को दबाव पूर्वक समझौता के लिए बोल रहे थे।समझौता न करने पर धमकाने की बात कहने लगे थे। वहीं गवाह धीरेन्द्र कुमार साहू एवं सीताराम गोंड को भी सार्वजनिक स्थल में सबके सामने पंचायत भवन में आकर जातिगत भेदभाव पूर्ण गाली गलौच दोनो को दे रहे थे। बैक के चपरासी मुनीष कुमार और अमरदीप के द्वारा लगातार घर में आकर समझौता और धमकी देने जैसे घटना को लेकर सूरतसिंह भयभीत होकर दिनांक 19 जुलाई 2021 को बैकुन्ठपुर कोरिया स्थित अनुसूचित जनजाति विशेष थाना में लिखित शिकायत देकर न्याय की गुहार लगाया है। बहरहाल देखना है कि इन दोनो प्रभावशील बैक कर्मियों पर कार्यवाही कब होता है। वहीं कार्यवाही व न्याय न मिलने पर पीड़ित पक्ष ने कहा है कि बैंक के सामने दूँगा धरना।