खड़गवां कोरिया /GCG NEWS/ 8 अगस्त 2021, यूं तो 1982 में संयुक्त राष्ट्र संघ की ओर से घोषित विश्व आदिवासी दिवस जो मूलनिवासी समुदाय के हितों की संवर्धन की विविधता पूर्ण अधिकार को लेकर है। जो इन वर्गों की सम्मान में एक ऐतिहासिक तथा उनके गौरवशाली अधिकार जुड़ा है। जैसे पांचवी अनुसूची क्षेत्र 244(1) जैसे अहम भारतीय संविधान की अनुच्छेद 25 जिसके तहत आदिवासियों की भूमि कब्जा जिसमें उपभोग करते हैं उनका मौलिक अधिकार है। जिसमें सर्वोच्च न्यायालय की समता जजमेंट 1997 की फैसला बीसवी सदी का अद्भूत फैसला है।जो धरातल पर लागू नहीं,उसी प्रकार पांचवी अनुसूची, पेशा एक्ट इन वर्गों की अधिकार को कुचला जा रहा है । आदिवासियों की जल जंगल जमीन जैसे मुद्दे को लेकर आदिवासी सामुदाय अपने अधिकार की तलाश में है। वहीं खड़गवां में आयोजित इस विश्व आदिवासी दिवस के अवसर पर समाज के प्रखर प्रवक्ताओं के माध्यम से मौलिक अधिकार बनाम पांचवी अनुसूची के बारे में विस्तृत जानकारी के साथ ही साथ सामाजिक परम्परा के रूढ़िजन्य विधि की बल 13(3) जैसे सामाजिक दर्शन दिया जावेगा। उक्त कार्यक्रम जो पूर्णरूपेण कोविड 19 का पालन करते हुए सामाजिक बैगा गुनिया भूमका पटेल के द्वारा पंरपरा के मुताबिक पूजा अर्चना किया जावेगा। जो कार्यक्रम खड़गवां तहसील के सामने खेल मैदान में कार्यक्रम आदिवासी पारंपरिक तौर पर आयोजित होगा।