कोरबा /GCG NEWS/12जून 2021 संविधान के विशेष पांचवी अनुसूचित क्षेत्रो में छत्तीसगढ़ राज्य का कोरबा जिला पूरी तरह से आंशिक वर्जित क्षेत्र 92 कहलाता है। जहां ग्राम सभा सर्वोपरी महत्व रखता है। यूं कहें तो सुप्रीम कोर्ट 1969 के 9 संवैधानिक खंडपीठ द्वारा दिये गये निर्णय में साफ है कि अनुसूचित क्षेत्रो में अभी तक GOI act 1935 के कुछ सेक्शन प्रशासन नियंत्रण के लिए लागू हैं। क्षेत्रों में सामान्य कानून लागू नहीं किया जा सकता है। आदिवासियों के लिए GOI act राज्यपाल के द्वारा प्रशासन और नियंत्रण भी इन वर्गों के कल्याणकारी कानून संचालित होता है। यहां तक इन क्षेत्रोंमें थोपे गये सामान्य कानून अवैधानिक माना जाता है।
रामकृपाल विरुद्ध स्टेट आफ बिहार 1969 के मुताबिक “ना लोकसभा ना विधानसभा सबसे उपर ग्रामसभा। इन क्षेत्रों में सुप्रीम कोर्ट का वेदांता जजमेंट लागू है। जहां संविधान केअनुच्छेद 13(3) का विधि बल प्राप्त है। ऐसे अनुसूचित हल्कों में सामान्य कानून नहीं लागू होता है। जहां पेशा कानून है। दुर्भाग्य है कि ऐसे अनुसूचित जनजाति इलाकों में बिना ग्राम सभा के रेत व अन्य खनिज संपदा का दोहन आदिवासियों के लिए संविधान द्वारा प्रदत कानून का अवहेलना से कम नहीं है। यहां तक इन इलाके में माफियाओं के सामने प्रशासन कृत्य भी घुटने टेकने से कम नहीं है।सबसे बड़ी दुर्भाग्य है कि इन क्षेत्रों में अवैध रेत माफियाओं के विरुद्ध कार्यवाही के नाम पर वाहनों की फर्जी कार्यवाही की मामला आना जो प्रशासन के नाक के नीचे श नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल के निर्देशों की धज्जियाँ उड़ाकर नदियों का सीना चीर रेत खोदी जा रही है।दरअसल यह मामला कोरबा जिला के पोड़ी उपरोड़ा के उपतहसील पसान के एक फर्लांग की दूरी पर स्थित बैरा बम्हनी नदी में हो रहा रेत उत्खनन का मामला है। जहां रेत माफिया द्वारा अवैध तरीके से पोकलेन लगाकर रेत का भंडारण किया जा रहा था। जिसमे पोड़ी उपरोड़ा के अनुविभागीय अधिकारी श्री एस के मरकाम कोपसान उप तहसील के समीप बम्हनी नदी पर एक ठेकेदार द्वारा बैरा रेत घाट पर सारे आम कानून की धज्जियां उड़ाते हुए इस अनुसूचित क्षेत्रो में बिना ग्राम सभा के अनुमति के बिना पोकलेंन मशीन द्वारा हाइवा वाहन में रेत लोड करने की सूचना मिली थी, जिस पर फौरन मामले की गंभीरता को देखते हुए पसान में पदस्थ नायब तहसीलदार सुशीलकुमार कुलमित्र पसान थाना से बल लेकर बैरा रेत घाट पर छापा मारा। जहां 5 हाइवा और पोकलेन मशीन को जब्त कर विधिवत कार्यवाही की गई । किंतु जब मीडिया की टीम पसान थाना व तहसील कार्यालय पहुंचे तो वहां ना तो पोकलेन मशीन मिला , ना ही जब्त हाइवा मिला। साथ ही जब वस्तुस्थिति जानने स्थानीय मीडिया की टीम द्वारा नायब तहसीलदार से संपर्क साधने की कोशिश की गई,तो पसान नायब तहसीलदार का मोबाइल बन्द हो चुका था। अभी भी वर्तमान जगह पर दर्जनों हाइवा अवैध रूप से निकाली गई रेत डंप की गई है। उस रेत को भी प्रशासन द्वारा किसी प्रकार की जब्ती की कार्यवाही नही की गई है। कार्यवाही नही किया जाना, भी स्थानीय प्रशासन की मिलीभगत को प्रदर्शित करता है।इस मामले को लेकर गोंडवाना गणतंत्र पार्टी के राष्ट्रीय महामंत्री डॉ एल एस उदय ने प्रशासन के अधिकारियों पर सवाल खड़ा करते हुए मीडिया के माध्यम से कहा है कि यह पांचवी अनुसूचित क्षेत्र है, जहां कानून और व्यवस्था के साथ खिलवाड़ करना न्योचित नहीं होगा। हमारी पार्टी अनुसूचित क्षेत्रो के प्रशासक व नियन्त्रक राज्यपाल महोदया तक इस मामले को उनके दृष्टिकोण में रखेंगे तथा उचित कार्यवाही के लिये पहल करेंगे। यह कृत्य जारी रहा तो गोंडवाना गणतंत्र पार्टी जनांदोलन करेगी ।